ब्यूरो,खबरनाउ: भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय मे शुक्रवार को प्रथम सत्र के परीक्षा परिणाम से संबंधित विभिन्न विषयों को लेकर राज्यपाल को त्रुटियों से अवगत करवाया। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने बताया की 2013 से अभी तक 144 महाविद्यालयों मे एक महाविद्यालय में भी ईवीएस के अध्यापक नहीं हैं। एनएसयूआई ने राज्यपाल के समक्ष परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए विद्यार्थियों को प्रोमोट करने की मांग की, साथ ही री-वेल्यूएशन की फीस माफ करने का आग्रह किया। वहीं एनएसयूआई के राज्य महासचिव यासीन बट्ट ने प्रदेश विश्वविद्यालय में विभिन्न विकासात्मक कार्यों में हुई धांधली को लेकर भी एक कमेटी बनाकर जांच करने का आग्रह किया गया।
विश्वविद्यालय की गिरती ग्रेडिंग व गुणवत्ता को लेकर भी विश्वविद्यालय प्रशासन की लचर व्यस्था को जिम्मेदार ठहराया। वहीं भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि इसके लिए जो पेपरों के मूल्यांकन के लिए ठेका प्रथा को बढ़ावा दिया जा रहा, इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उसको जिम्मेदार ठहराया एवं राज्यपाल से इस चलन को बंद करने का आग्रह किया, ताकि प्रदेश के हजारों छात्रों के मन में मूल्यांकन को लेकर कोई संशय न रहे। एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से अनुरोध किया है कि परीक्षा परिणाम मे आई त्रुटियों को तुरंत प्रभाव से दूर किया जाए, अन्यथा एनएसयूआई राज्य स्तरीय आंदोलन करेगी। इस दौरान करण योगेश यादव, पवन नेगी, अभय रायजादा नवीन, यशवंत, रणदीप, विजय, अभिषेक, बुनीत कश्यप, नवीन विशेष तौर पर मौजूद रहे।







