खबरनाउ ब्यूरो: चंडीगढ़ में मेट्रो को लेकर लम्बे वक़्त से चर्चा चल रही है। इस मामले पर जल्द ही यूटी प्रशासक बनवारी लाल पुरोहित की तरफ से फाइनल फैसला लिया जाएगा। इसे लेकर आने वाले दिनों में प्रशासक की अध्यक्षता में राइट्स (रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा) की ओर से सौंपी गई रिपोर्ट को लेकर पहली बैठक होगी, हालांकि इससे पहले सलाहकार ही मोबिलिटी प्लान को लेकर अधिकारियों की बैठक लेते आए थे।
मोबिलिटी प्लान को लेकर रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा (राइट्स) की तरफ से तैयार ड्राफ्ट फाइनल रिपोर्ट में मैट्रो चलाने की सिफारिश की गई है। मेट्रो आने से ट्राइसिटी में लगातार बढ़ते ट्रैफिक से निजात मिलेगी और यात्रियों को ट्रेवल सुविधा भी मिलेगी। इस बाबत सम्बंधित अधिकारीयों का कहना है कि मोबिलिटी प्लान को लेकर अब यू.टी. प्रशासक की अध्यक्षता में बैठक होगी, जिसमें मैट्रो चलाने को लेकर कोई भी अंतिम फैसला लिया जाएगा। गौरतलब है कि काफी वक़्त से ट्राइसिटी में मेट्रो को लेकर विवाद चलता रहा है लेकिन एक राय नहीं बन पाई थी लेकिन अब प्रशासन कि ओर से रिपोर्ट में मेट्रो चलाने कि बात की गई है।
बता दें कि कुल 39 किलोमीटर नेटवर्क पर मैट्रो चलाने की बात कही गई है। पहले फेज में ट्राईसिटी के आधे एरिया, जबकि दूसरे फेज में बाकी के एरिया को कवर किया जाएगा। पहले कॉरिडोर में 22.5 किलोंमीटर का एरिया और दूसरे कॉरिडोर में 16.5 किलोमीटर का एरिया कवर करने की बात कही गई है।

