संवाददाता, शिमला: अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने प्रदेश भर में शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त छात्र मांगो के संदर्भ में कार्यकारी परिषद को ज्ञापन सौंपा । इकाई अध्य्क्ष विशाल वर्मा ने कहा कि कोरोना महामारी के चलते सरकार के द्वारा दिशा निर्देश जारी किए है कि छात्रों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए बावजूद इसके हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय छात्रों से पूरी फीस वसूल रहा है और कुछ विभागों में तो फीस में बढ़ोतरी भी की है, इसी के साथ साथ विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट सेल नाममात्र का है और इसकी जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा श्रम एवं रोजगार विभाग के साथ इसे जोड़ा जाए । अभाविप हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने इसी संदर्भ में प्रदेश भर में शिक्षा क्षेत्र में व्याप्त छात्रों की विभिन्न मांगों लो लेकर कार्यकारी परिषद को ज्ञापन सौंपा ।
प्रमुख माँगें….
1) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अंतर्गत सभी विभागों से कोरोना महामारी के दौरान सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए।
2) विश्वविद्यालय में रिक्त पड़े सभी शिक्षकों व गैर शिक्षकों के पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।
2) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के अधिनियम 1970 के अनुच्छेद 21 एवं 28 को पुनः बहाल किया जाए।
3) UG के गणित विषय की पेपर चेकिंग प्रक्रिया में आ रही अनियमितताओं को दूर किया जाए।
4) हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के प्लेसमेंट सेल को दुरुस्त कर श्रम एवं रोजगार विभाग हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से जोड़ा जाए, ताकि महामारी की परिस्थिति में नए पास आउट छात्रों को रोजगार उपलब्ध हो सके।
5)हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की ऑनलाइन प्रणाली (ERP) को निजी संस्था के नियंत्रण से हटाकर सरकारी संस्था को दिया जाए।
6) विश्वविद्यालय परिसर में पार्किंग की उचित व्यवस्था की जाए।
अभाविप ने मांग रखी है कि जल्द से जल्द इन मांगों को की पूरा किया जाए ताकि कोरोना महामारी में छात्र हितों का हनन न हो ।


