ब्यूरो,खबरनाउ: हिमाचल प्रदेश को भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) के द्वारा प्रकाशित Ease of Doing Business रैंकिंग में ‘टॉप अचीवर’ श्रेणी में रखा गया है। हिमाचल प्रदेश को निवेश के क्षेत्र में पसंदीदा विकल्प बनाने की दिशा में माननीय मुख्यमंत्री श्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने उद्योग विभाग को राज्य में निवेशकों के लिए औद्योगिक नीतियों और सुविधा तंत्र में ज़रूरी बदलाव के निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशानुसार विभाग के अधिकारियों का एक प्रतिनिधिमंडल जिसमें उद्योग विभाग के निदेशक, श्री राकेश कुमार प्रजापति, अतिरिक्त निदेशक उद्योग, श्री तिलक राज शर्मा, और ईवाई कंसल्टेंट्स श्री सुमित सागर डोगरा, श्री नवरीत सिंह बेलिंग ने ‘पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन-इन्वेस्ट पंजाब’ (Punjab Bureau of Investment Promotion- Invest Punjab) के अधिकारियों व् पंजाब उद्योग निदेशालय के अधिकारियों से मुलाकात की। Invest Punjab के सीईओ श्री कमल किशोर यादव ने ब्यूरो के गठन और कार्यप्रणाली की जानकारी दी और साथ ही पंजाब में निवेश परियोजनाओं के लिए अनुमोदन और मंजूरी की भी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि ‘इन्वेस्ट पंजाब’ को परियोजनाओं के प्रस्ताविकरण चरण से अमल तक की प्रक्रिया को सरल रूप से सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन एक्ट, 2016 (Punjab Bureau of Investment Promotion Act, 2016) ने संस्था को कानूनी रूप से मजबूत किया है और ब्यूरो के सीईओ को पंजाब सरकार के सभी विभागों को उनके संबंधित नियमों के तहत शक्तियां वहन करने हेतु अधिकृत करता है। यह एक्ट इन्वेस्ट पंजाब को राज्य स्तरीय विनियामक मंजूरी (regulatory clearances) और वित्तीय प्रोत्साहनों (fiscal incentives) के लिए अनुमोदन प्रदान करने के लिए वन-स्टॉप ऑफिस के रूप में काम करने में सक्षम बनाता है और इस दोहरी जिम्मेदारी के कारण भारत में यह अपनी तरह का अनूठा एक्ट है।
ब्यूरो में सहभागी सदस्य से प्रतिनियुक्ति पर आए अधिकारी चुनौतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हैं जिससे राज्य में बेहतर निवेश के लिए में सहायता करता है। राज्य में वित्तीय बजट राज्य सरकार द्वारा दी जा रही वार्षिक अनुदान सहायता के माध्यम से और समर्थन कार्य प्रबंधन शुल्क द्वारा समर्थित है।
श्री राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि इन्वेस्ट पंजाब व तेलंगाना, राजस्थान जैसे अन्य राज्यों में सफल निवेश एजेंसियां से मिले इनपुट्स को राज्य में निवेश गठन पर विचार करने हेतु प्रस्तुत किया जाएगा।


