2003 के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वेस्टइंडीज की पहली जीत
वो भी गाबा में जहां पिछले 35 साल में सिर्फ भारत ही जीत सका है.
वह भी गुलाबी गेंद वाले टेस्ट में जहां ऑस्ट्रेलिया ने पहले 11 में से 11 मैच जीते थे.
विभिन्न फ्रेंचाइजी लीगों में कई खिलाड़ियों को खोने के बाद भी ऐसे में एक खिलाडी
शमर जोसेफ, 350 की आबादी वाले गांव के रहने वाले शख्स पिछले साल तक सुरक्षा गार्ड थे नाव से वहां पहुंचने में इनके गाओं में न्यूनतम दो दिन लगते हैं और पिछले पांच वर्षों से 2018 तक कोई मोबाइल और इंटरनेट कनेक्शन नहीं था। लॉगिंग ही उनका एकमात्र पेशा था, और लगभग मौत का अनुभव भी अपनी ज़िंदगी में कर चुकें हैं जब एक पेड़ गिर गया और वह बाल-बाल बच गए, फिर जब इस खिलाड़ी ने दूसरी जगह जाने का फैसला किया. एक मजदूर और फिर एक सुरक्षा गार्ड जैसे काम किये , १२- १२ घंटे काम करता था और क्रिकेट केवल ज्यादा से ज्यादा रविवार को ही क्रिकेट खेल सकते थे ऐसे हालातों से निकल इस शख्स शमर जोसेफ वेस्ट इंडीस की टीम में इस सीरीज में डेब्यू किया. टेस्ट से केवल तीन दिन पहले खरीदे गए एक आम गार्ड ने फिर भी ऑस्ट्रेलिया में बेहद अनुभवी ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण के सामने 36 रन बनाए। साथ ही टेस्ट डेब्यू में पांच विकेट लेने का कारनामा भी किया, क्योंकि वेस्टइंडीज ने 2009 के बाद पहली बार ऑस्ट्रेलिया को AUS में हराया
ऑस्ट्रेलिया 215 रनों का पीछा करते हुए 113/2 रन बना चुका था। इस असंभव स्थिति से, शमर जोसेफ ने अपने दूसरे ही टेस्ट में एक ही बार में 7 विकेट ले लिए। यह पैर की अंगुली की चोट से पीड़ित होने के बावजूद ऐसे में ये अनुभव शमर जोसेफ वेस्ट इंडीस व् समस्त क्रिकेट जगत के लिए आश्चर्यचकित करने वाला है

