संवाददाता, शिमला: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि कोविड मरीजों को दस दिन इलाज के बाद बिना टेस्ट करवाए घर भेजा जा सकता है। आईसीएमआर की ओर से इस संबंध में गाइडलाइन आई है। कई राज्यों ने इस पर अमल करना शुरू कर दिया है। जिन मरीजों में लक्षण नहीं होंगे, उन्हें होम आईसोलेशन में रखा जाएगा।आईजीएमसी से मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के घर जाने पर विपक्ष के सवाल पर मुख्यमंत्री ने यह जवाब दिया। उन्होंने कहा कि मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर स्वस्थ हैं। मंगलवार सुबह ही उनके साथ फोन पर बात हुई है।
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर के बारे में पूछा कि मंत्री कोरोना से ठीक नहीं हुए हैं। पहले आईजीएमसी ले गए, वहां उनका इलाज ठीक से नहीं हुआ। उन्हें घर भेजा गया। किन कारणों से भेजा गया। अब भी उनकी रिपोर्ट इन्कनक्लूसिव है। बाहर यह धारणा है कि मंत्री सदन में आना नहीं चाहते। मुकेश ने कहा कि महेंद्र सिंह सरकार में नंबर टू मंत्री हैं। मंत्री 14 दिन क्वारंटीन होने के बाद भी ठीक नहीं हुए। कब आएंगे, कब सदन में उपस्थित होंगे। इसकी जानकारी से सदन को अवगत करवाना चाहिए।
इस पर सीएम ने कहा कि मंत्री के स्वास्थ्य की चिंता सरकार की जिम्मेवारी है। जब मंत्री संक्रमित हुए तो उन्होंने घर पर ही रहने की इच्छा जताई। डॉक्टरों के अनुसार वह सिंप्टोमेटिक थे। बीपी के साथ सिरदर्द और तापमान भी था। डॉक्टरों ने फिर कहा कि होम आईसोलेशन में इनको नहीं रखना चाहिए। उन्होंने डॉक्टरों की सलाह पर अमल किया। जिसके उपरांत वो अस्पताल में भर्ती हुए।
वहीं सात दिन बाद जब उनका टेस्ट हुआ तो वह फिर पॉजीटिव पाए गए थे। वह डॉक्टरों की निगरानी में रह चुके थे। उन्होंने कहा कि वह घर जा कर आईसोलेशन में रह लेंगे। वहां स्वास्थ्य से संबंधित शिकायत का कोई जिक्र नहीं किया गया है। उन्हें 14 नहीं, 12 दिन हुए हैं। अब उन्हें न तापमान है, न खांसी। बीपी, शूगर सब सामान्य है। अब वह स्वस्थ हैं। कुछ दिन तक वह आईसोलेशन में हैं। उसके बाद वह काम करना चाहें तो वह कर सकते हैं।

