28 सितंबर 2025, पंजाब/ हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर नआज शहीद-ए-आज़म भगत सिंह की जयंती के अवसर पर उनके पैतृक गांव खटकड़ कलां (नवांशहर) में आयोजित समारोह में शामिल होकर शहीद भगत सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित कर भारत के स्वतन्त्रता आन्दोलन में उनके सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इस अवसर पर श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने नवाशहर के ग्रैंड रिसॉर्ट में जनसभा को संबोधित करते हुए भगत सिंह के पैतृक गाँव खटकड़ कलां तक एक विशाल बाइक रैली निकाल कर युवाओं को भगत सिंह के जीवन मूल्यों से शिक्षा लेने का आह्वाह्न किया।
सभा को संबोधित करते हुए अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “भारत के स्वतंत्रता संग्राम में अनेकों वीरों ने बलिदान देकर माँ भारती के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया। स्वतंत्रता आंदोलन में कुछ के नाम अमर हो गए जिनमें से शहीदे आज़म भगत सिंह का नाम भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में दर्ज है। भगत सिंह के संपूर्ण व्यक्तित्व को देखा जाए तो उन्हें मात्र क्रान्तिकारी संबोधित करना न्यायसंगत न होगा। अपितु वह एक सशक्त क्रांतिकारी होने के साथ साथ एक विचारक,चिंतक और बुद्धिजीवी व्यक्तित्व थे। वे अन्य क्रान्तिकारियों से विशिष्ट थे क्योंकि वे राष्ट्र निर्माण का वैकल्पिक विचार रखते थे। भगत सिंह जी ने कहा था, “वे मुझे मार सकते हैं, लेकिन मेरे विचारों को नहीं। वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को नहीं कुचल पाएँगे” और उनका यही कथन उनकी महानता को दर्शाता है। संपूर्ण राष्ट्र की तरह मैं भी उन्हें अपना आदर्श मानते हुए उनकी जयंती पर कोटि कोटि नमन-वंदन करता हूँ, और यहाँ वीर भगत सिंह जी के पैतृक गाँव खटकड़ कलां आना मेरे लिए एक अविस्मरणीय उपलब्धि है”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ ये आजादी विदेशी मानसिकता वाले साहबों के दम पर नहीं बल्कि अंग्रेजों को सरदार भगत सिंह के जज्बे, चंद्रशेखर आजाद, लाला लाजपत राय, सरदार उधम सिंह और बिस्मिल जी की क्रांति, वीर सावरकर के विचार और नेताजी की आजाद हिन्द फौज जैसे क्रांतिकारियों की टक्कर से चुनौती मिली थी। तब भारत को आजाद करने के लिए आनन-फानन में फैसले लिए गए। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने क्या किया ? कांग्रेस पार्टी ने देश को धोखा दिया, शहीदों का अपमान किया. कांग्रेस ने आजादी के रंग में भंग डाल दिया । सत्ता के लिए इन्होने भारत माता के टुकड़े कर दिए । इन्होने मनमाने ढंग से कागज पर सरहद की लकीरें खींच दी । यहाँ तक भगत सिंह जी की जन्मभूमि बंगा गाँव भी विभाजन के दंश से बच नहीं सका। पंजाब और बंगाल ने विभाजन का दर्द झेला, लाखों भारतवासी मारे गए बेघर हो गए ।कितनों की मौत हुई, कितनों ने जुल्म सहे, कितने परिवार अलग हुए, माँ-बहनें विधवा हुई, बच्चे अनाथ हुए, लेकिन साहबों का क्या? वह तो सत्ता पाकर मौज कर रहे थे । खुद की तारीफ में बड़े-बड़े लेख लिखवाते रहे। विभाजन विभीषिका को झुठलाते रहे”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ कांग्रेसी नेताओं द्वारा विभाजन के दौरान मनमाने तरीके से सरहद तय करने के कारण ननकाना साहिब, करतारपुर साहिब जैसे तीर्थ पाकिस्तान को दे दिए गए। अगर वह चाहते तो ननकाना साहिब को भारत में रखने के लिए लड़ सकते थे । वर्षों तक डेरा बाबा नानक में करतारपुर साहिब को हमारे सिख भाई भारत में दूरबीन से किसी तरह निहार कर रह जाते थे मगर मोदीजी की सरकार ने करतारपुर कॉरिडोर खुलवाया। शहीदे आज़म भगत सिंह को सच्चा सम्मान मोदी सरकार ने दिया। स्वतंत्रता सेनानी शहीद भगत सिंह की 115वीं जयंती पर 28 सितंबर 2022 को भारत सरकार ने चंडीगढ़ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम बदलकर शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा करने का काम किया। सरदार भगत सिंह के लिए राष्ट्रवाद सदा प्रथम था”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ भारत के वामपंथी अक्सर अमर बलिदानी सरदार भगत सिंह की तस्वीर के पीछे छुप कर अपने पाप को छुपाने की कोशिश करते हैं । क्या भगत सिंह ने लेफ्ट वालों के जैसे भारत के टुकड़े-टुकड़े करने की बात कही थी? विषैले वामपंथी आज भी देश के कुछ हिस्सों में नक्सली बनकर भारत के ही लोगों पर हमले करते हैं, उनसे लूटपाट करते हैं, गुरिल्ला युद्ध करते हैं, पैसा ना मिलने पर आगजनी, हत्या और लूटपाट करके देश के विकास में बाधा डालते हैं। क्या ये भगत सिंह के विचार से मेल खाता है? लेफ्ट वालों ने बस लोगों को ठगने और बरगलाने के लिए भगत सिंह के नाम का इस्तेमाल किया है और आज भी कर रहे हैं। एक पार्टी के मुख्यमंत्री थे भ्रष्टाचार के मामले में जेल गए, पूरी पार्टी को जनता ने सत्ता से हटा दिया, वो अपनी हर सभा में सरदार भगत सिंह की फोटो लगाए घूमते थे। शराब घोटाले में आरोपी हैं। तो ऐसे लोगों से भी हमें सावधान रहना चाहिए। ऐसे लोग हमारे अमर क्रांतिकारी भगत सिंह जी का नाम खराब करते हैं। सरदार भगत सिंह का नाम हमेशा हमारे क्रांतिकारियों में अमर रहेगा। मातृभूमि के लिए उनका प्रेम, देश को आजाद कराने के लिए उनकी लड़ाई, उनकी सोच, उनका जज्बा और उनका त्याग, तप, बलिदान, हमेशा हम सबके लिए प्रेरणास्रोत रहेगा”





