4 जनवरी 2025, हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि अर्थव्यवस्था फ्रेंडली मोदी सरकार की प्रभावी नीतियों का असर है कि भारत के बैंकिंग सेक्टर ने मजबूती पकड़ी है और उनकी बैलेंस शीट में बड़े सुधार के चलते बैड लोन दशकों के निचले स्तर पर पहुँच गया है।
अनुराग सिंह ठाकुर में कहा “ यह मोदी सरकार की प्रभावी आर्थिक नीतियों का परिणाम है कि भारत 4.18 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है, और अनुमान के मुताबिक़ अगले 2.5 से 3 वर्षों में जर्मनी को पछाड़कर हम दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में से एक होंगें। वर्ष 2030 तक भारत 7.3 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएगा। मोदी सरकार की अर्थव्यवस्था फ्रेंडली नीतियों के चलते भारत के बैंकिंग सेक्टर ने मजबूती पकड़ी है और उनकी बैलेंस शीट में बड़े सुधार के चलते बैड लोन दशकों के निचले स्तर पर पहुँच गया है। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की नई रिपोर्ट कहती है कि देश के बैंक पहले से कहीं ज्यादा मजबूत स्थिति में हैं और बैंकों की बैलेंस शीट में लगातार सुधार देखा गया है। साफ है कि अब लोग और कंपनियां समय पर कर्ज चुका रही हैं और बैंकों पर दबाव कम हुआ है। RBI की ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग रिपोर्ट के मुताबिक बैंकों का ग्रॉस एनपीए रेशियो सितंबर 2025 तक घटकर 2.1 प्रतिशत रह गया है, इससे पहले मार्च 2025 में यह आंकड़ा 2.2 प्रतिशत था। यह आंकड़ा दिखाता है कि भारत का बैंकिंग सिस्टम दिन पर दिन मजबूत होता जा रहा है जोकि हमारी बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए अच्छा संकेत है”

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक अनिश्चितताओं और चुनौतियों के बावजूद मजबूती के साथ बढ़ रही है। भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत घरेलू मांग, नियंत्रित मुद्रास्फीति और सतर्क मैक्रोइकॉनॉमिक नीतियों की वजह से निरंतर बढ़ रही है. Q1 FY 2025-26 में वास्तविक GDP वृद्धि 7.8% रही, जबकि Q2 में यह छह-तिमाही उच्च स्तर 8.2% तक पहुंच गई. इस वृद्धि में निजी खपत, सार्वजनिक पूंजीगत व्यय, ऊपर सामान्य मानसून और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का विस्तार मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। RBI ने भारत के ग्रोथ ट्रेंड को देखते हुए पूरे साल के लिए इसका अनुमान 6.8% से बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। कारोबारियों को बैंकों से आसानी से कर्ज मिल रहा है। बाजार में मांग बनी हुई है और शहरों में लोगों के खर्च बढ़ने से खरीद-फरोख्त को सहारा मिल रहा है। महंगाई भी कई साल के निचले स्तर पर आ गई है। आंकड़ों से साफ़ है कि भारतीय बैंकिंग सेक्टर मजबूत नींव पर खड़ा है और निरंतर विकास के लिए तैयार है”







