10 जनवरी 2026, हिमाचल प्रदेश: पूर्व केंद्रीय मंत्री व हमीरपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि “सहकार से समृद्धि” अब केवल नारा नहीं, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचता विकास मॉडल बन चुका है, जो आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करेगा।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व व केंद्रीय सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी के कार्यकुशलता से सहकार से समृद्धि अब केवल नारा नहीं, बल्कि गांव-गांव तक पहुंचता विकास मॉडल बन चुका है, जो आने वाले वर्षों में आत्मनिर्भर भारत की नींव को और मजबूत करेगा। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की “सहकार से समृद्धि” की परिकल्पना को साकार करने के उद्देश्य से 6 जुलाई 2021 को गठित सहकारिता मंत्रालय ने बीते चार वर्षों में सहकारी क्षेत्र को सशक्त, आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य किए हैं। देश के पहले सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में सहकारी संस्थाओं को समावेशी विकास, ग्रामीण समृद्धि तथा जमीनी स्तर पर आर्थिक सशक्तिकरण का प्रमुख माध्यम बनाने की नीतियों व पहलों से ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसानों, महिलाओं, युवाओं और सहकारी संस्थाओं को नया बल मिला है”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ सहकारिता मंत्रालय ने नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NCDC) के ज़रिए रिसोर्स को चैनलाइज़ करके ऐसा इंफ़्रास्ट्रक्चर बनाया है जिससे हमारे किसानों को सीधे फ़ायदा हो।
सहकारिता मंत्रालय एनसीडीसी के ज़रिए FPOs को बढ़ावा देती है ताकि किसानों को इनपुट, टेक्नोलॉजी, बाज़ार और फ़ाइनेंस तक बेहतर पहुँच मिल सके। सहकारिता मंत्रालय ने प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) को बहु-उद्देशीय बनाकर उन्हें ग्रामीण विकास का केंद्र बनाया है। इसके लिए आदर्श उपविधियाँ लागू की गईं, जिन्हें 32 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों ने अपनाया। इससे पैक्स को डेयरी, मत्स्य, भंडारण, जन औषधि केंद्र, पेट्रोल पंप, LPG वितरण जैसे 25 से अधिक नए व्यवसायों से जोड़ा गया जिसमें फाइनेंशियल मदद और सब्सिडी, जिसमें मैचिंग इक्विटी ग्रांट भी शामिल है। हर किसान को ₹2,000 तक, हर FPO को ₹15 लाख तक, 4 साल में 3 हिस्सों में दिया जाएगा और ऑपरेशनल सपोर्ट ग्रांट 3 साल के लिए हर FPO को ₹18 लाख तक, जिसमें CEO/मैनेजर की सैलरी (₹25,000/महीना), अकाउंटेंट (₹10,000/महीना), ऑफिस का किराया (₹48,000/साल), यूटिलिटीज़, फर्नीचर और दूसरी लागतें शामिल हैं। क्रेडिट गारंटी सुविधा, जो ₹1 करोड़ तक के 85% लोन (या ₹1-2 करोड़ के लिए 75%) को ₹1,000 करोड़ के फंड के ज़रिए कवर करती है, जिससे बैंकों से बिना गारंटी के क्रेडिट मिल सके ऐसी सुविधा भी सहकारिता मंत्रालय द्वारा किया गया है”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ मोदी सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहकारिता क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी विकेंद्रीकृत अनाज भंडारण योजना शुरू की गई। अब तक 112 पैक्स में गोदाम बनकर तैयार हो चुके हैं, जिनसे 68,000 मीट्रिक टन से अधिक भंडारण क्षमता सृजित हुई है। इससे किसानों को उपज का बेहतर मूल्य और भंडारण की सुविधा मिली है। राष्ट्रीय सहकारी डेटाबेस (NCD) में 8.4 लाख से अधिक सहकारी समितियों का डेटा शामिल किया गया है। सहकारी रैंकिंग प्रणाली से पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ी है। साथ ही सहकारी शिक्षा और प्रशिक्षण को बढ़ावा देने के लिए सहकारी विश्वविद्यालय की योजना भी आगे बढ़ रही है”







