शिमला। राजधानी में बढ़ते यातायात दबाव और पर्यटकों की लगातार बढ़ रही आवाजाही को देखते हुए Shimla Police ने ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए व्यापक रणनीति लागू की है। शहर की भौगोलिक परिस्थितियों और संकरी सड़कों की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए यातायात संचालन को अधिक व्यवस्थित और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पूरे शहर को विभिन्न सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसके तहत प्रमुख चौराहों, संवेदनशील ट्रैफिक प्वाइंट्स और भीड़भाड़ वाले स्थानों की पहचान कर वहां विशेष निगरानी और ड्यूटी प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है। इस नई सेक्टर प्रणाली का मुख्य उद्देश्य जाम की स्थिति को कम करना, यातायात प्रवाह को सुचारू रखना और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही को निर्बाध बनाए रखना है।
वर्तमान में शिमला ट्रैफिक पुलिस में कुल स्वीकृत पद 180 हैं, जिनमें से 136 पुलिस कर्मी पहले से ही यातायात ड्यूटी पर तैनात हैं। अब ट्रैफिक संचालन को और अधिक मजबूत बनाने के लिए 15 अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है। इन अतिरिक्त जवानों को शहर के व्यस्ततम क्षेत्रों — तारा हॉल, लक्ष्मी नारायण मंदिर कसुम्पटी, टालैंड, लक्कड़ बाजार बस स्टैंड, राहत होटल क्षेत्र, उच्च न्यायालय क्षेत्र तथा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों — पर लगाया गया है, जहां अक्सर यातायात दबाव अधिक रहता है।
इनकी तैनाती से जाम की स्थिति पर त्वरित नियंत्रण, पार्किंग व्यवस्था में सुधार और नियमों के पालन में सख्ती सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस द्वारा अवैध पार्किंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर नियमित कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि आम नागरिकों और पर्यटकों को अनावश्यक असुविधा का सामना न करना पड़े।
शिमला पुलिस ने सभी नागरिकों, पर्यटकों, परिवहन संचालकों, टैक्सी यूनियनों और आगंतुकों से अपील की है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और पार्किंग व आवागमन संबंधी निर्देशों में सहयोग प्रदान करें। यातायात व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए आमजन अपने सुझाव मोबाइल नंबर 8894728001 (एसएसपी शिमला) पर साझा कर सकते हैं।
पुलिस का मानना है कि प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जन सहयोग से ही राजधानी शिमला की यातायात व्यवस्था को अधिक सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाया जा सकता है।



