चौपाल। सेब सीजन के निकट आते ही चौपाल क्षेत्र की जर्जर सड़क व्यवस्था का मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठाया गया है। जिला परिषद सदस्य अतुल शर्मा ने क्षेत्र के किसानों, बागवानों और स्थानीय लोगों की समस्याओं को लेकर अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) को ज्ञापन सौंपते हुए चौपाल की खराब सड़कों के शीघ्र सुधार की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सड़कों की मरम्मत नहीं की गई तो आगामी सेब सीजन के दौरान हजारों बागवानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
अतुल शर्मा ने कहा कि ऊपरी शिमला की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से सेब उत्पादन पर आधारित है। क्षेत्र के हजारों किसान और बागवान पूरे वर्ष मेहनत करके सेब की फसल तैयार करते हैं और उनकी सालभर की आय इसी फसल पर निर्भर रहती है। ऐसे में सेब सीजन के दौरान सड़कें सुचारू और सुरक्षित होना अत्यंत आवश्यक है, ताकि फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सके।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष हुई भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के कारण चौपाल क्षेत्र की कई सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। हालांकि काफी समय बीत जाने के बावजूद अधिकांश संपर्क मार्गों की स्थिति आज भी संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर सड़कें उखड़ी हुई हैं, गड्ढों से भरी पड़ी हैं और कुछ जगहों पर भूस्खलन के कारण मार्ग संकरे हो गए हैं। इससे न केवल सेब परिवहन प्रभावित होगा, बल्कि स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों, मरीजों और दैनिक यात्रियों को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि सेब सीजन शुरू होने से पहले सभी प्रमुख संपर्क मार्गों का प्राथमिकता के आधार पर मरम्मत एवं रखरखाव कराया जाए। साथ ही जहां आवश्यक हो वहां डामरीकरण, नालियों की सफाई, भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का स्थायी उपचार तथा सड़क किनारे सुरक्षा कार्य भी सुनिश्चित किए जाएं, ताकि परिवहन किसी भी प्रकार से बाधित न हो।
अतुल शर्मा ने कहा कि सरकार और प्रशासन को बागवानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करनी चाहिए। बेहतर सड़क सुविधा केवल आवागमन का साधन नहीं बल्कि किसानों की आर्थिक सुरक्षा, समय पर फसल विपणन और क्षेत्र के समग्र विकास का आधार है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मांग पर शीघ्र सकारात्मक कदम उठाएगा और सेब सीजन से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जाएंगे।
इस अवसर पर कमल ठाकुर, नीलाक्ष, पूर्व बीडीसी सदस्य अनिल काकू, युवा मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मुनीष वर्मा, नितीश सहित अन्य क्षेत्रवासी भी उपस्थित रहे।यदि यह किसी अखबार में प्रकाशित होनी है, तो इसे और अधिक समाचार शैली (पत्रकारीय भाषा) में भी तैयार किया जा सकता है।