संवाददाता, शिमला: वन, युवा सेवा एवं खेल मंत्री राकेश पठानिया ने शिमला में बंदरों की समस्याओं के निवारण हेतु आज एक विशिष्ट हेल्पलाइन नंबर 1800 4194 575 का विधिवत उद्घाटन किया। शिमला में आए दिन सभी को वानरों की समस्या से जूझना पड़ता है चाहे वह बच्चा हो,महिला हो या पर्यटक हो। इस हेल्पलाइन नंबर के माध्यम से अगर लोगों को बंदरों से संबंधित कोई भी समस्या है तो वह उपरोक्त हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं।
अर्चना शर्मा प्रबंधन मुखिया अरण्यपाल और अनिल ठाकुर मुख्य अरण्यपाल वन्यप्राणी ने शिमला में वन मंत्री के साथ मुलाकात की और वानर समस्या पर विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। शिमला में इस समय 7 नसबंदी केंद्र चलाए जा रहे हैं और वानरों की नसबंदी के कार्यों में तेजी लगाई जाएगी।
वन मंत्री ने कहा कि वाहनों की समस्या के बारे में लोगों को जागरूक करना बहुत आवश्यक है। वानरों की समस्या के बारे में जागरूकता कार्यक्रम में भी तेजी लाई जाएगी और स्थानीय लोगों को वानर समस्या से निजात पाने हेतु पैम्फ्लट के माध्यम से जगह-जगह पर वन्य प्राणी विभाग के कर्मचारी जागरूक करेंगे।
वन मंत्री ने कहा कि जहां वानरों की संख्या अधिक है वहां स्थानीय लोगों को गुलेल आदि भी विभाग बांटेगा। उन्होंने यह भी आदेश दिए की वानरों को पकड़ने के कार्य में तेजी लाई जाए। वहीं लोगों को वन्य प्राणियों से संबंधित समस्याओं को तुरंत विभाग तक पहुंचाने के लिए उपरोक्त टोल फ्री नंबर की सुविधा आरंभ की गई है। टूटीकंडी बचाव और पुनर्वास केंद्र में इसका नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। जहां लोग उपरोक्त नंबर पर अपनी शिकायतें निशुल्क दर्ज करवा सकेंगे।


