संवाददाता,मंडी: भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय राणा ने कहा कांग्रेस के लोग एक तरह अनावश्यक बोझ अपने सिर व पीठ पर लादे हुए। वह इस बोझ के हमेशा डिफेंस में कई तरह के झूठ व अनाप शनाप बोलियाँ बोलते रहते हैं।यदि यह बोलियाँ ये न बोलें तो इन की अपनी पार्टी में दिये गये पद खतरे में पड़ जाते हैं। ऐसा ही वाक्य कल राजीव शुक्ला का जो हिमाचल कांग्रेस के प्रभारी है ने मंडी में यह कह कर दोहराया कि मोदी रक्षा मंत्री व मुख्यमंत्री को साथ ले कर नहीं चले। वहीं अपनी ही पार्टी में दूरियां बना कर रख रहे हैं।
अब इस में उनका कसूर नही है क्योंकि वे अपनी पार्टी में यही सब तो देख रहे हैं। वह बतायें कि यूपीए का चेयर पर्सन बड़ा होता है या देश का प्रधानमंत्री? यदि प्रधानमंत्री बड़ा होता है तो समय-समय पर सोनिया गांधी ने क्यों तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को तब्बजो न दे कर खुद तब्बजो ली। यह देश के लिये बड़ा ही दुर्भाग्यपूर्ण था। राजीव शुक्ला उन्ही टोटकों से भाजपा पर निशाना साध रहे हैं। उन्होंने कहा कि अरे शुक्ला जब हिमाचल आ रहे थे तो कुछ होम वर्क करके आते।
अजय राणा ने कहा लाहौल के तशीदवा पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के मित्र थे। सन 2000 मे हिमाचल प्रदेश में धूमल जी मुख्यमंत्री थे व वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी पार्टी के प्रभारी थे। उस समय वे हर जगह प्रवास करते थे और अनेकों अनेक कार्यकर्ताओं से मिलते थे व फीड बैक लेते थे।तो उन्होंने ही उस समय यह रोतांग टनल का विचार उस समय वाजपेयी को दिया था। पलचान-धुंधी रोड के शिलान्यास के समय वाजपेयी ने इस टनल की घोषणा की थी।
आज सामरिक दृष्टि व पर्यटन की दृष्टि से यह टनल बहुत ही महत्वपूर्ण है। लाहौल के लोगों का यह दिवा स्वप्न था जो मोदी सरकार ने पूरा करके दिखाया है। इसमें नरेंद्र मोदी का बड़प्पन देखिये उन्होंने इस टनल का श्रेय खुद न लेकर वाजपेयी को ही दिया। हलांकि इसके लिये सारे धन की व्यवस्था इन्होंने ही की। 2014 तक यूपीए सरकार का इस में क्या योगदान रहा। क्या राजीव शुक्ला या उनका कोई कांग्रेसी इस पर कोई कागज दिखायेगा? कांग्रेस की हालत शुक्ला के सामने यह थी कि सुक्खू के नारे इतने लग रहे थे कि इसके प्रदेशाध्यक्ष कुलदीप राठौर असहाय नजर आ रहे थे। शुक्ला अपना डिवाइडिड घर देखिये।


