नई दिल्ली/दुबई:
30 सितंबर 2026 की दोपहर, जमीन से 36,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रहे फ्लाईदुबई के विमान FZ1073 में जो कुछ घटा, वह किसी सांस थाम देने वाली थ्रिलर फिल्म की पटकथा जैसा था। दुबई से इजरायल के तेल अवीव की तरफ बढ़ रहे इस बोइंग 737 मैक्स विमान में सवार 180 यात्रियों को भनक तक नहीं थी कि अगले चंद मिनटों में उनकी जिंदगी और मौत के बीच का फासला सिर्फ एक जांबाज भारतीय पायलट के हौसले पर टिकने वाला है।
जब कॉकपिट बन गया जंग का मैदान
विमान जब जॉर्डन के हवाई क्षेत्र के ऊपर शांत गति से उड़ रहा था, अचानक कॉकपिट के भीतर का मंजर खौफनाक हो गया। विमान के ओमानी मूल के को-पायलट ने अप्रत्याशित रूप से अपने ही कैप्टन, भारत के वरिष्ठ एविएटर स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से हमला बोल दिया। सिर और हाथों पर ताबड़तोड़ वार कर हमलावर ने विमान के कंट्रोल को जबरन नीचे की ओर धकेल दिया। कुछ ही पलों में विमान आसमान से करीब 14,000 फीट तेजी से नीचे गोता खाने लगा।
कॉकपिट में मौत नाच रही थी, एयरक्राफ्ट का अलार्म चीख रहा था और ट्रांसपोंडर से अंतरराष्ट्रीय ‘हाईजैक व गैर-कानूनी हस्तक्षेप’ का आपातकालीन कोड प्रसारित हो चुका था।
लहुलूहान शरीर, मगर चट्टान जैसा इरादा
गंभीर रूप से जख्मी कैप्टन स्मित के शरीर से तेजी से खून बह रहा था, लेकिन उन्होंने एक पल के लिए भी विमान का कंट्रोल नहीं छोड़ा। दर्द की पराकाष्ठा के बीच उन्होंने न केवल हमलावर के वार को झेला, बल्कि अदम्य सूझबूझ दिखाते हुए तुरंत कॉकपिट का सुरक्षित दरवाजा अनलॉक कर दिया।
दरवाजा खुलते ही केबिन क्रू और यात्रियों को अंदर चल रहे खूनी संघर्ष का अहसास हुआ। बिना वक्त गंवाए यात्रियों और क्रू ने कॉकपिट में धावा बोला। हेडफोन के तारों और केबल टाई से हमलावर को दबोचकर बांध दिया गया।
फरिश्ता बनकर आगे आए सहयात्री
केबिन में मौजूद एक इजरायली दंत चिकित्सक ने आगे बढ़कर खून से लथपथ कैप्टन स्मित को संभाला और बहते खून को रोकने के लिए आपातकालीन पट्टी बांधी। वहीं, विमान में सफर कर रहे ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने तुरंत कमान संभाली और विमान को स्थिर करते हुए सऊदी अरब के तबूक हवाई अड्डे की ओर मोड़ दिया। कुछ ही मिनटों में विमान ने तबूक की जमीन को सुरक्षित छू लिया—सभी 180 यात्री बाल-बाल बच चुके थे।
सऊदी में सर्जरी के बाद अब दुबई शिफ्ट
इमरजेंसी लैंडिंग के फौरन बाद कैप्टन स्मित को सऊदी अरब के तबूक स्थित किंग फहद स्पेशलिस्ट अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी सर्जरी की। रियाद में भारतीय दूतावास ने उनके स्वास्थ्य की निगरानी रखी और उनकी हालत को स्थिर बताया। शुरुआती खतरे से बाहर आने के बाद, अब उन्हें बेहतर उपचार और पूर्ण पुनर्वास के लिए दुबई शिफ्ट कर दिया गया है।
कौन हैं रियल हीरो कैप्टन स्मित मच्छार?
मूल रूप से गुजरात के रहने वाले कैप्टन स्मित भारतीय विमानन जगत का एक जाना-पहचाना और सम्मानित नाम हैं। 9,750 से अधिक घंटों की कमर्शियल उड़ान और 13 वर्षों से ज्यादा के तजुर्बे से लैस स्मित ने 6,400 घंटे से अधिक समय ‘पायलट-इन-कमांड’ के रूप में बिताया है। फ्लाईदुबई से जुड़ने से पहले उन्होंने भारत की स्पाइसजेट एयरलाइंस में 11 वर्षों तक लाइन ट्रेनिंग कैप्टन के रूप में अनगिनत युवा पायलटों को तराशा था।
वैश्विक नेताओं ने किया नमन
कैप्टन स्मित के इस अदम्य साहस की गूंज पूरी दुनिया में सुनाई दे रही है। भारत और इजरायल सहित कई देशों के शीर्ष नेतृत्व ने उनकी दिलेरी, कर्तव्यनिष्ठा और त्वरित निर्णय क्षमता की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्हें वैश्विक नायक करार दिया है।
आसमान में मौत को मात देकर सैकड़ों घरों के चिराग बुझने से बचाने वाले कैप्टन स्मित मच्छार की यह जांबाजी विमानन इतिहास के पन्नों में हमेशा गर्व के साथ याद की जाएगी।