स्पेशल स्टोरी, नई दिल्लीः आजादी के बाद भारत में 26 जनवरी 1950 को सविधान लागू हुआ था। देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। देश का पहला गणतंत्र दिवस 26 जनवरी 1950 को मनाया गया था। जिसके बाद हर साल इसे बड़े ही हर्षोउल्लास और खुशी के साथ मनाया जाता है। इस साल देश में 72 वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा।
इंडिया गेट पर किया जाता है भव्य परेड का आयोजन
गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के इंडिया गेट पर भव्य परेड का आयोजन किया जाता है। जिसमें देश की तीनों सेना (थल सेना, नौ सेना, वायु सेना) का दल भाग लेता है। इसके साथ ही देश के विभिन्न राज्यों की झलक दिखाती हुई झांकियों का भी प्रदर्शन किया जाता है। गणतंत्र दिवस पर इंडिया गेट पर देश के राष्ट्रपति ध्वजारोहण करते हैं।
एक रंग में रंगा नजर आता है भारत
इस मौके पर देशवासियों का हर्षोल्लास देखने लायक होता है। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक पूरा भारत एक रंग में रंगा नजर आता है। हमारे इस गौरवशाली गणतंत्र का भी एक इतिहास है।
क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस
देश में संविधान की स्थापना दिवस के रूप में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में 26 जनवरी 1950 को ही देश का संविधान लागू हुआ था। इस दिन भारत में भारत सरकार अधिनियम (1935) को निरस्त कर नए सविंधान लागू करते हुए नए संविधान को पारित कर दिया था। उसी के बाद से हर साल 26 जनवरी के दिन को राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाया जाता है।
पहली बार 26 जनवरी को ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया था
आपको बता दें कि सबसे पहले 26 जनवरी 1929 को लाहौर कांग्रेस अधिवेशन में भारत को पूर्ण गणराज्य का दर्जा दिलाने का प्रस्ताव पेश किया गया था जिसे अंग्रेजों ने नामंजूर कर दिया था। इसके बाद 26 जनवरी 1930 को कांग्रेस ने भारत को पूर्ण गणराज्य की घोषणा कर दी थी। संविधान निर्माण की शुरुआत 9 दिसंबर 1946 को हुई थी जिसे बनने में कुल 2 साल 11 महीने और 18 दिन लग गए। 26 नवंबर 1949 को संविधान को सभापति को सौंप दिया गया जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को इसे आधिकारिक तौर पर लागू कर दिया गया। हमारा देश संविधान के मुताबिक ही चलता है।


