शिमला। आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विभिन्न छात्र मांगो को लेकर यूआईआईटी निदेशक डॉ पी एल शर्मा को ज्ञापन सौंपा। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ए ग्रेड शिक्षण संस्थान है , हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के यूआईआइटी में इलेक्ट्रिकल , इलेक्ट्रॉनिक्स , सिविल , आईटी, सीएसई ट्रेडस में बीटेक कोर्स है जिसमें 1000 के करीब छात्र छात्राएं पढ़ाई करते हैं और एक सुनहरे भविष्य की सोच लेकर पढ़ाई भी करते हैं । लेकिन हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय की लापरवाही के कारण आज इन्हीं छात्रों के सपनों पर पानी फिरता नजर आ रहा है । ज्ञात हो कि यूं तो बीटेक के पहले,तीसरे , पांचवा व सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं यूं तो दिसंबर में होनी थी , कोविड महामारी के चलते ये परीक्षाएं अप्रैल में होनी थी लेकिन महामारी के चलते ये परीक्षाएं नहीं हो पाई । इकाई अध्यक्ष विशाल सकलानी ने कहा कि अब विश्वविद्यालय यूआईआईटी के दो दो सेमेस्टर की एक साथ परीक्षा करवाने को तैयारी में है जो बिल्कुल गलत है , छात्र पहले से ही मानसिक तनाव में हैं ऐसे में यह निर्णय छात्र विरोधी है । विशाल सकलानी ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन अन्य संस्थानों की तर्ज पर पहले , तीसरे, पांचवे व सातवें सत्र की परीक्षा ऑनलाइन करवाए या असाइनमेंट लेकर मूल्याकन करे या फिर ओपन बुक परीक्षा करवाए ताकि छात्रों पर अतिरिक्त तनाव न बढ़े । साथ ही साथ यूआईआइटी के द्वारा 48000 फीस 15 जून से पहले जमा करने की अधिसूचना जारी की जाती है , जो छात्र हितों को दरकिनार करती हुई नजर आती है । कोविड महामारी के दौरान अनेक परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं ऐसे में इतने कम समय में फीस जमा करने का फैंसला गलत है , अतः फीस जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए तथा छात्रों से सिर्फ ट्यूशन फीस ही ली जाए। अभाविप ने चेतावनी दी है कि छात्र हितों को ध्यान में रखते हुए इन मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए नहीं तो प्रशासन छात्र आक्रोश का सामना करने को तैयार रहे।

