नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत ने आज एक अहम आदेश जारी करते हुए, राज्यों को राज्य स्कूल बोर्ड 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम 31 जुलाई तक घोषित करने को कहा है। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय ने सभी राज्यों से 10 दिनों के अंदर-अंदर इंटरनल एसेसमेंट यानी आंतरिक मूल्यांकन के फार्मूले को बनाने और पेश करने को भी कहा है, जिसके आधार पर इन कक्षाओं में पढ़ने वाले छात्रों का परिणाम तय किया जाना है।
पिछले दिनों केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी CBSE ने, उच्चतम न्यायालय में दायर किए गए एक हलफनामे में, 10वीं और 12वीं बोर्ड के परीक्षा परिणाम तय करने के लिए छात्रों के मूल्यांकन का फॉर्मूला पेश किया था। जिसके बाद अब सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों से भी इस दिशा में काम करने को कहा है।
इस वक़्त देश भर में कोरोना महामारी के असर और संक्रमण के फैलने की दर में भले ही गिरावट दर्ज की जा रही हो, मगर अभी भी सब कुछ पहले की तरह पूर्णता पटरी पर नहीं लौटा है। मौजूदा वक्त में देश के ज्यादातर शिक्षण संस्थान बंद पड़े हैं और कोरोना महामारी के चलते पिछले दिनों, पहले सीबीएसई ने 10वीं और 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं निरस्त की, जिसके बाद यही सिलसिला राज्यों में भी जारी रहा, जहां राज्यों ने भी अपने राज्य स्कूल बोर्ड के अंतर्गत 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं निरस्त कर देने का फैसला लिया।
कोरोना के चलते विद्यालय बंद पड़े हैं और ऐसी स्थिति के चलते परीक्षाएं भी नहीं हो पाई मगर आप देश के लाखों छात्रों को अपने परीक्षा परिणाम या रिजल्ट का इंतजार है। इस वर्ष की बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम आने में पहले ही देरी हो चुकी है, ऐसे में अब उच्चतम न्यायालय के द्वारा राज्यों से भी 31 जुलाई तक परीक्षा परिणाम तय करने के लिए कहा गया है।

