शिमला: कोरोना महामारी ने पूरे देश में शिक्षा क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है और ज़ाहिर तौर पर इसका हिमाचल प्रदेश में भी देखने को मिला है, जहां छात्रों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले लगभग 2 वर्षों से शिक्षण संस्थान बंद है और ऑनलाइन माध्यम से शिक्षा का संचालन हो रहा है, लेकिन शोधार्थी छात्रों को शोध कार्य करने को लेकर खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
शोधार्थी छात्रों के डेढ़ वर्षों से लंबित शोध कार्य पूरा करने में सहयोग दे सरकार : विक्रांत
मांग की अनदेखी पर अभाविप आंदोलन करने से नहीं करेगी गुरेज
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रांत सह मंत्री विक्रांत चौहान ने मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि शोधार्थी छात्रों का शोध कार्य रुका है जिसमे खासकर विज्ञान विषय से संबंधित छात्रों को प्रयोगशाला और छात्रावास की सुविधा न मिलने के कारण शोध कार्य और शिक्षा को भारी असर पड़ रहा है।
विक्रांत ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में शोध कार्यों को बढ़ाव दिया जाना चाइए ताकि देश का गौरव विश्वपटल पर नए कीर्तिमानों के साथ स्थापित हो जिसके लिए शोधार्थी छात्रों को शोध कार्यों हेतु विश्वविद्यालयों और सरकार को उचित सुविधाएं मुहैया करवानी चाइए। लेकिन यदि वर्तमान समय के परिप्रेक्ष्य में बात करें तो एकदम विपरीत परिस्थितियां चल रही है।
उन्होंने कहा कि रोजाना छात्र अनेकों विश्वविद्यालयों से संपर्क करते है कि छात्रावासों को खोला जाए ताकि शोधार्थी छात्रों का पिछले डेढ़ वर्षों से लंबित शोध कार्य पूरा हो सके।
अभाविप ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार और शिक्षा विभाग को छात्रों को के भविष्य की कोई चिंता नहीं है विक्रांत ने कहा कि शोधार्थियों को छात्रावास शीघ्र खोलें जाने चाइए ताकि किसी भी छात्र को सुविधा के अभाव के कारण शोध कार्य में दिक्कत का सामना न करना पड़े।
आगे बोलते हुए विक्रांत ने कहा कि प्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों में भी इस दिक्कत का सामना अनेकों छात्रों को करना पड़ रहा है। छात्र जब विश्वविद्यालय प्रशासन से संपर्क कर रहे है तो निक्कमे प्रशासन द्वारा नियामक आयोग और प्रदेश सरकार के आदेशों की इंतजारी और नियमों का हवाला दिया जा रहा है जिस कारण लाखों शोधार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है ।
विक्रांत ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रदेश सरकार से मांग करती है कि बचाव के सभी मापदंडों को मद्देनजर रखते हुए शीघ्र अति शीघ्र शोधार्थी छात्रों के लिए छात्रावास खोलें जाए और प्रयोगशालाओं की सुविधा को मुहैया करवाया जाए ताकि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो सके, उन्होंने कहा कि यदि यह मांग जल्द से जल्द पूरी नहीं की गई तो विद्यार्थी परिषद आंदोलन करने से भी गुरेज नहीं करेगी।







