स्वच्छता शिष्टाचार को ध्यान में रख कोरोना से बचें लोग: धीमान
विश्वव्यापी कोरोना महामारी के इस दौर में जिस
तरह से देश व प्रदेशवासियों ने त्याग और तपस्या का परिचय दिया है, वह कोरोना के खिलाफ लड़ाई में अहम है । आज की तारीख में कोरोना वायरस के इलाज के लिए कोई ड्रग या वैक्सीन नहीं है। हालांकि जिन लोगों में कोरोना के लक्षण दिखाई दे रहे हैं उन्हें उन लक्षणों से निजात दिलाने के लिए डॉक्टर प्रयासरत है। यह जानकारी देते हुए अतिरिक्त मुख्य् सचिव (स्वास्थ्य) आर.डी. धीमान ने बताया कि गंभीर रूप से बीमार लोगों को अस्पताल में भर्ती किया जा रहा है। ज्यादातर कोरोना मरीज ठीक हो सकते हैं। फिलहाल कोरोना के इलाज के लिए वैक्सीन पर शोध किया जा रहा है । भारतवर्ष भी अन्य देशों की तरह वैक्सीन बनाने के लिए काम कर रहा है जिससे कि कोरोना वायरस पर रोक लगाई जा सके। कोरोना वायरस से बचाव का सबसे आसान तरीका है कि आप अपने हाथ नियमित तौर पर धोते रहें, खांसते-छींकते वक्त अपनी कोहनी या फिर टिशु का इस्तेमाल करें। बीमार व्यक्ति से या फिर खांसने छींकने वाले व्यक्ति से 1 मीटर की दूरी बनाएं । सरकार द्वारा जारी दिशानिर्देशों क पालन करें। यदि सामान लेने के लिए आपको बाहर जाने की जरूरत है, तो मास्क पहनकर जाएं। दूसरों के साथ संपर्क में आने से बचें। इससे आपको और अन्य को संभावित कोविड-19 और अन्य वायरस से बचाने में मदद मिलेगी। यदि आपको बुखार, खांसी और सांस लेने में कठिनाई होती है, तो तुरन्त चिकित्सीय सलाह लें। ई-संजीवनी ओ पी डी सेव का इस्तेमाल करें या हेल्पलाइन नम्बर 104 पर कॉल करें । अगर आप हाल में किसी यात्रा से लौटे है, तो अपने क्षेत्र के स्वास्थ्य सेवा प्रदाता या प्रशासन को इसकी सूचना दें, आपकी इस सुचना के आधार पर आपका हेल्थ केयर प्रोवाइडर आपको समय रहते सही स्वास्थ्य सुविधा के लिए निर्देशित कर सकेगा। यह आवश्यक है कि आप अपने आप को होम क्वारिण्टीन करें। यह कोविड-19 और अन्य वायरस के संभावित संक्रमण को रोकने में भी मदद करेगा।
कोरोना वायरस मुख्यतः संक्रमित व्यक्ति द्वारा खांसने या छोंकने से फैलता है। जब व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके द्वारा ड्रॉपलेट्स अपनेआसपास के माहौल में फैल जाते हैं। जिससे लोग संक्रमित हेते हैं। उन्होंने आगे जानकारी देते होते बताया कि महामारी के इस दौर में जहाँ सरकार और विभाग संक्रमण नियंत्रण के निवारक एवं उपचारात्मक उपायों का प्रयोग कर रहा है, वही विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाएं और न्यास इस क्षेत्र में अपना सहयोग दे रही हैं। इस समय जबकि स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को उनकी सुरक्षा को सुनिश्चित करना अति आवश्यक है, ऐसे में देश की नामी संस्था टाटा ट्रस्ट अपनी सहयोगी संस्था हिमुत्थान के साथ आगे आयी है और स्वास्थ्य विभाग को सहयोग के रूप में 2720 पी.पी.ई. किट व 16000 ट्रिपल लेयर सर्जिकल मास्क दान किये हैं। स्वास्थ्य विभाग उक्त टाटा ट्रस्ट के इस सहयोग एवं पुनीत कार्य के लिए उनका धन्यवाद करता है और उनके द्वारा दान की गयी सामग्री को उचित प्रकार से प्रयोग कर कोविड-19 संक्रमण की रोकथाम का कार्य करेगा। आज प्रदेश भर में 884 लोगों के सैम्पल जांच हेतु लिए गए, जिसमें 327 सैम्पल की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पायी गयी है और 557 लोगों की जांच रिपोर्ट आना अभी बाकी है। प्रदेश में इस समय तक 13107 लोगों की जांच की जा चुकी है जिसमें से 12435 लोगों की जांच रिपोर्ट नेगेटिव पायी जा चुकी है एवं 66 व्यक्तियों में इस संक्रमण की पुष्टि हो सकी है तथा इनमें से 25 लोग अस्पतालों में उपचाराधीन है व 39 लोग स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं।




