बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन की आवश्यक बैठक एसोसिएशन के अध्यक्ष सुधीर शर्मा की अध्यक्षता में बीड में होटल फ्लाइंग पैराडाइज में संपन्न हुई। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रदेशभर में पैराग्लाइडिंग के एक समान नियम अधिसूचित करने के लिए पैराग्लाइडिंग की राज्यस्तरीय एसोसिएशन का गठन किया जाए और इसके लिए 19 दिसंबर बैठक बीड में निर्धारित की गई ।बैठक में पैराग्लाइडिंग की विभिन्न गतिविधियों पर चर्चा की गई। बैठक में प्रदेश सरकार से मांग की गयी कि पैराग्लाइडिंग को पर्यटन गतिविधियों के बजाय साहसिक खेल का दर्ज दिया जाए और इसके लिए साहसिक खेल गतिविधि अधिनियम बनाया जाए ।बैठक में निर्णय लिया गया की शीघ्र ही एसोसिएशन की एनुअल जनरल मीटिंग बुलाई जाएगी । बैठक में निर्णय लिया गया कि केंद्र व प्रदेश सरकार को भी इस बारे में पत्राचार किया जाए और पैराग्लाइडिंग पायलटों को इंश्योरेंस करवाने के लिए मांग की जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि पर्यटन विभाग को पत्र लिखकर सूचित किया जाए की पैराग्लाइडिंग से किसी भी प्रकार का हादसा होने पर हादसा करने वाले पायलट और एजेंसी की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाए और बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन को ऑपरेटर का लाइसेंस देते हुए व्यक्तिगत रूप से या एजेंसी को भी जिम्मेवार मन जाए। बैठक में पर्यटन विभाग से मांग की गई कि बीड बिलिंग में ग्लाइडिंग करने वाले पायलटों को अन्य साइट में ग्लाइडिंग करने की अनुमति तो प्रदान की जाए मगर अन्य साइड में ग्लाइडिंग करने वाले पर्यटक पायलटों को बीर बिलिंग में अनुमति देने से पहले उनका टेस्ट अनिवार्य किया जाए। और निर्णय लिया जाए कि बीड बिलिंग में जो पायलट पंजीकृत हैं उन्हें बिलिंग के अतिरिक्त अन्य क्षेत्रों में ग्लाइडिंग की इजाजत न दी जाए। बैठक में पर्यटन विभाग से मांग की गई कि पार्किंग क्षेत्र के आसपास निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाई जाए। बैठक में यह मुद्दा भी रखा गया कि बीड़ से बिलिंग पर्यटकों को ले जाने के लिए बोलेरो कैंपर का प्रयोग किया जाता है और उसमें तेज गति से ड्राइविंग की जाती है जिस पर रोक लगाई जाए। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बीड बिलिंग से उड़ने वाले प्रत्येक पायलट के लिए और प्रत्येक पायलट व पर्यटक के लिए इंश्योरेंस कवरेज अनिवार्य की जाए।
बैठक में एसोसिएशन के डायरेक्टर अनुराग शर्मा, अविनाश धवन, अरविंद कंवर ,प्रवीण ,सुरेश ठाकुर, अरविंद पाल आदि भी उपस्थित थे। बैठक में बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन द्वारा बनाई गई टेक्निकल कमेटी के नियमों पर भी चर्चा की गई बैठक में 15 नियम कमेटी के द्वारा बनाए गए थे जिनमें प्रत्येक उड़ान के दौरान पायलट और पर्यटक के लिए रिजर्व पैराशूट की सुविधा उपलब्ध करवाने, उड़ान के दौरान हवाई कलाबाजियां ना दिखाने ,प्रत्येक पायलट का वर्ष में दो बार डोप टेस्ट अनिवार्य करने, किसी भी स्थिति में एक से अधिक पायलट को ना उड़ाने ,वर्ष में एक बार पायलट का फर्स्ट एड कोर्स करवाने, उड़ान के दौरान रेडियो सेट अनिवार्य करने ,किसी हादसा होने की सूरत पर प्रत्येक पायलट द्वारा ₹2000 का अंशदान देने और बीपीए के पास पंजीकृत फर्म से ही पायलट को पंजीकृत करने, हॉस्पिटैलिटी ट्रेनिंग कब वर्ष में एक बार कोर्स करवाने आदि निर्णय पर चर्चा की गई। बैठक में निर्णय लिया गया की बीपीए किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि में शामिल नहीं रहेगी।

