स्पेशल डेस्क: हेलिकॉप्टर क्रैश में देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद फिर से पुरानी व्यवस्था अस्थायी रूप से शुरू हो गई है। सीडीएस का पद आने से पहले देश में चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी हुआ करती थी। जनरल बिपिन रावत के निधन के बाद क्योंकि सीडीएस का पद खाली हो गया है, इसलिए आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे (General MM Naravane) को चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी का चेयरमैन बनाया गया है।
सीडीएस का पद आने से पहले चीफ ऑफ स्टाफ कमेटी ही तीनों सेनाओं के बीच कॉर्डिनेशन का काम करती थी। इस कमेटी में तीनों सेना के प्रमुख शामिल होते हैं। क्योंकि जनरल एमएम नरवणे सबसे वरिष्ठ हैं, इसलिए उन्हें इस कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार जब तक नए सीडीएस की नियुक्ति नहीं हो जाती तब तक यही व्यवस्था रहेगी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पास तीनों सेनाओं के प्रशासनिक मुद्दों का अधिकार होता है। 2019 में जब देश में पहली बार सीडीएस की नियुक्ति हुई थी, तो उस समय सरकार ने एक बयान जारी कर बताया था कि सीडीएस तीनों सेनाओं के मुद्दे को लेकर रक्षा मंत्री के प्रमुख सलाहकार होंगे। जबकि, तीनों सेनाओं के प्रमुख अपनी सेवाओं से संबंधित मामलों पर सलाह देंगे। सीडीएस मिलिट्री कमांड नहीं दे सकते।







