मंडी: छोटी काशी मंडी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश को 11 हजार करोड़ रुपये की सौगात दी। जिसमें 7,000 करोड़ की रेणुका बांध परियोजना और 1,800 करोड़ की 210 मेगावाट से अधिक की लुहरी स्टेज-1 पनबिजली परियोजना की आधारशिला रखी।
मंडयाली भाषा में बोले पीएम मोदी – देवी-देवतयां जो मेरा नमन
पीएम मोदी ने मंच पर पहुंचते ही पहाड़ी भाषा में कहा की देवभूमि में आशीर्वाद लेणे रा मौका मिलेया। देवभूमि दे सभी देवी-देवतयां जो मेरा नमन। जब मंडी आता हूं तो बदाणे रा मिट्ठा और सेपो बड़ी की याद आ जाती है।
रेणुका बांध परियोजना से प्रदेश को मिलेगा लाभ
पीएम मोदी ने कहा कि गिरी नदी पर बन रही रेणुका बांध परियोजना का प्रदेश को बहुत लाभ होगा। ईज ऑफ लीविंग सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बिजली हर क्षेत्र के लिए जरूरी है। भारत अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ रहा है।
इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2,000 करोड़ रुपये की शिमला जिले में पब्बर नदी पर बनी 111 मेगावाट की सावड़ा कुड्डू पनबिजली परियोजना का लोकार्पण किया और 700 करोड़ रुपये से बनने वाली 66 मेगावाट की धौलासिद्ध पनबिजली परियोजना का शिलान्यास किया।
परियोजनाओं से बढ़ेगी हिमाचल की आय, मिलेगा रोजगार
पीएम ने कहा कि आज 11 हजार करोड़ की लागत वाली चार बड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया है। इससे हिमाचल की आय बढ़ेगी और लोगों को रोजगार भी मिलेगा। रेणुकाजी प्रोजेक्ट से प्रदेश ही नहीं देश के एक बड़े हिस्से को लाभ होगा। ईज़ ऑफ़ लिविंग हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें बिजली की बहुत बड़ी भूमिका है। पढ़ाई से लेकर घरों के काम और उद्योगों के लिए बिजली चाहिए। हमारी सरकार का ईज़ ऑफ़ लिविंग मॉडल पर्यावरण संरक्षण को भी प्रेरित कर रहा है।
हिमाचल को प्लास्टिक मुक्त रखें पर्यटक
प्रधानमंत्री ने पर्यटकों से आग्रह किया कि हिमाचल को प्लास्टिक से प्रदूषित न करें। यहां पर्यटन की अपार संभावना है। टूरिज्म का फन हिमाचल से बढ़कर कहां मिलेगा। फार्मिंग में नैचुरल फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। कैमिकल मुक्त कृषि उत्पाद आज डिमांड में है। प्राकृतिक खेती में हिमाचल अच्छा काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा किसान कैमिकल मुक्त प्राकृतिक खेती के रास्ते पर चल पड़े हैं।
देश में सरकार चलाने के दो अलग-अलग मॉडल
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हिमाचल देश के सबसे महत्वपूर्ण फार्मा हब में से एक है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को आज फार्मेसी ऑफ द वर्ल्ड (Pharmacy Of The World) कहा जाता है। इसके पीछे हिमाचल प्रदेश की बहुत बड़ी ताकत है। कोरोना काल के दौरान हिमाचल ने न सिर्फ दूसरे राज्यों, बल्कि दूसरे देशों की भी मदद की है। उन्होंने कहा कि आज देश में सरकार चलाने के दो अलग-अलग मॉडल काम कर रहे हैं। एक मॉडल है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास। वहीं दूसरा मॉडल है खुद का स्वार्थ, परिवार का स्वार्थ और खुद का विकास है।
पीएम मोदी बोले- देश में दो विचारधाराएं
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि 3 जनवरी से 15-18 आयु वर्ग के बच्चों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा। उम्मीद करता हूं कि हिमाचल इसमें भी बेहतर काम करेगा। 10 जनवरी से फ्रंटलाइन वर्कर्स को बूस्टर डोज दी जाएगी। देश में एक विचारधारा विलंब की है और दूसरी विकास की। विलंब की विचारधारा वालों ने पहाड़ों पर रहने वालों की कभी परवाह नहीं की।
पर्यटन और तीर्थाटन में हिमाचल का मुकाबला नहीं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आज पर्यटन और तीर्थाटन आपस में जुड़ते चले जा रहे हैं। पर्यटन और तीर्थाटन में हिमाचल का जो सामर्थ्य है उसका कोई मुकाबला नहीं है। हिमाचल शिव और शक्ति का स्थान है। पंच कैलाश में से तीन कैलाश हिमाचल में हैं और कई शक्तिपीठ भी हिमाचल में हैं। बौद्ध आस्था और संस्कृति का भी अहम स्थान यहां मौजूद है।


