सुंदरनगर: हिमाचल प्रदेश राजकीय आईटीआई प्रधानाचार्य संघ पदाधिकारियों ने कल सुंदरनगर में तकनीकी शिक्षा मंत्री राम लाल मारकंडा के माध्यम से सरकार को आईटीआई प्रधानाचार्यों के वेतनमान में आवश्यक सुधार लाने सम्बन्धी ज्ञापन सौंपा है।
इस अवसर पर संघ के अध्यक्ष आदित्य रैना ने बताया कि किस प्रकार 2 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के दौरान दिए जाने वाले निचले स्तर के वेतनमान से उत्पन्न विसंगति के कारण प्रदेश के आईटीआई प्रधानाचार्यों को काफी नुकसान हुआ है। वर्तमान वेतन में प्रतिमाह लगभग 15 हजार रूपये तथा कुल देय बकाया राशि में लगभग 7 लाख रुपए का नुकसान झेलना पड़ सकता है।
उन्होंने बताया कि पूर्व में भी समय समय पर संघ द्वारा उचित माध्यम से यह मुद्दा उठाया जाता रहा है। परंतु सरकार द्वारा कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया। देश के अन्य राज्यों की तुलना में हिमाचल प्रदेश के आईटीआई प्रधानाचार्य का वेतन सबसे कम स्तर पर रखा गया है।
प्रदेश में आईटीआई प्रधानाचार्य के लिए पहले से ही पदोन्नति के कम अवसर मौजूद हैं। ऐसे में वेतनमान केन्द्रीय मानकों से भी कम होने के कारण वे केन्द्रीय प्रतिनियुक्तियों के लिए भी अयोग्य हो जाते हैं। इसके अतिरिक्त 4 वर्ष का नियमित सेवाकाल पूर्ण करने के उपरांत मिलने वाले एसीपी लाभ से भी उन्हें वंचित रखा जाता है।
गौरतलब है कि प्रदेश की कौशल विकास यात्रा में आईटीआई एक अहम भूमिका निभा रही हैं ऐसे में प्रधानाचार्य वर्ग की अनदेखी से संघ आहत है। उन्होंने सरकार द्वारा इस मामले पर शीघ्र सकारात्मक कार्यवाही करने का अनुरोध किया जिस पर मंत्री ने सहानुभूति पूर्वक वित्त विभाग से मामला उठाने का आश्वासन दिया।







