स्पेशल डेस्क: भारतीय नृत्य शैली में लखनऊ घराने की विरासत को आगे बढ़ाने वाले महान कथक नर्तक पंडित बिरजू महाराज (Pandit Birju Maharaj Death) का रविवार देर रात निधन हो गया। महान कलाकार का 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। पंडित बिरजू महाराज का असली नाम बृजमोहन मिश्रा था। उनका जन्म 4 फरवरी, 1938 को लखनऊ में हुआ था।
भारतीय कला में उनके योगदान के लिए उन्हें भारत सरकार द्वारा पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था। उनकी मौत की पुष्टि उनके पोते स्वर्ण मिश्रा ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए की। अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर स्वर्ण मिश्रा ने बिरजू महाराज की एक ब्लैक एंड व्हाइट तस्वीर साझा की और एक नोट लिखा जिसमें उनकी आकस्मिक मृत्यु की सूचना दी गई थी।
अंताक्षरी खेलते हुए बिगड़ी तबियत
उनकी पोती ने कहा- वह अगले महीने 84 साल के हो जाते। उन्होंने बताया कि महाराज-जी परिवार और शिष्यों से घिरे हुए थे और वे रात के खाने के बाद ‘अंताक्षरी’ खेल रहे थे कि अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। वे गुर्दे की बीमारी से पीड़ित थे और उनका डायलिसिस उपचार चल रहा था। उनकी पोती ने कहा कि संभवत: कार्डियक अरेस्ट से उनकी मृत्यु हो गई। हालांकि, हम उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए लेकिन हम उन्हें बचा नहीं सके।
पद्म विभूषण समेत कई पुरस्कारों से हुए सम्मानित
1983 में पद्म विभूषण से सम्मानित बिरजू महाराज ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में भी डांस कोरियोग्राफ किया। जिसमें उमराव जान, डेढ़ इश्कियां, बाजीराव मस्तानी जैसी फिल्में शामिल हैं। पद्म विभूषण के अलावा उन्हें संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार और कालिदास सम्मान भी मिल चुका है। वहीं 2012 में विश्वरूपम फिल्म में कोरियोग्राफी के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
महान कथक सम्राट पंडित बिरजू महाराज का रविवार देर रात निधन हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने ट्वीट कर लिखा “भारतीय नृत्य कला को विश्वभर में विशिष्ट पहचान दिलाने वाले पंडित बिरजू महाराज जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उनका जाना संपूर्ण कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति! “







