स्पेशल डेस्क: संसद का बजट सत्र (Budget session) आज यानी सोमवार से शुरू हो गया है। साल का यह पहला सत्र है, इसलिए परंपरा के मुताबिक, इसकी शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण से हो रही है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के अभिभाषण के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आर्थिक सर्वेक्षण (Economic Survey) पेश करेंगी। बजट सत्र का पहला चरण 11 फरवरी तक चलेगा। वहीं दूसरा चरण 14 मार्च से शुरू होगा।
बजट से पहले आर्थिक सर्वेक्षण प्रस्तुत किया जाता है। दरअसल, भारत का आर्थिक सर्वेक्षण भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा जारी एक ऐसा सालाना दस्तावेज है, जिसमें भारत की अर्थव्यवस्था से संबंधित आधिकारिक और ताजा डेटा को शामिल किया जाता है। यह चीफ इकोनॉमिक एडवाइजर (Chief Economic Advisor) की देखरेख में तैयार होता है।
राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने देश के वीरों को नमन करके अपनी बात शुरू की। कोविंद ने कहा कि मैं देश के उन लाखों स्वाधीनता सेनानियों को नमन करता हूं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी और भारत को उसके अधिकार दिलाए। आज़ादी के इन 75 वर्षों में देश की विकास यात्रा में अपना योगदान देने वाले सभी महानुभावों का भी मैं श्रद्धा-पूर्वक स्मरण करता हूं।
राष्ट्रपति कोविंद ने कहा कि कोरोना ने मुश्किलें बढ़ाईं, लेकिन आज भारत सबसे ज्यादा वैक्सीनेशन वाले देशों में से एक है। उन्होंने बताया कि कोरोना की तीसरी डोज और युवाओं को टीका भी दिया जा रहा है। सरकार भविष्य की तैयारियों में जुटी है। इसलिए 64 हजार करोड़ रुपये से आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है। बताया गया कि 8 हजार से ज्यादा जन औषधि केंद्र हैं जिससे सस्ती दवाएं मिलती हैं। कोविंद बोले कि आयुर्वेद को सरकार के प्रयासों से बढ़ावा मिला है।
नॉर्थ ईस्ट की तरफ सरकार का विशेष ध्यान – राष्ट्रपति कोविंद
राम नाथ कोविंद ने कहा कि नॉर्थ ईस्ट के सभी राज्यों में विकास के काम जारी हैं। वहां बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं, जिसमें रेल लाइन भी शामिल है। जम्मू कश्मीर के लोगों को भी रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
वहीं, किसानों से भी रिकॉर्ड खरीदी गई है। किसानों की आय के नए जरिए तैयार किए जा रहे हैं। कृषि से जुड़े निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी हुई है। किसान रेल से किसानों को फायदा हुआ। कोरोना काल में 1900 से ज्यादा किसान रेल चली। कोविंद बोले यह दिखाता है कि सोच नई हो तो पुराने संसाधन भी काम आ सकते हैं।
छोटे किसानों (कुल के 80 फीसदी) के हितों को सरकार ने प्रमुख तौर पर रखा है। सरकार आर्गेनिक खेती जैसे प्रयास भी कर रही है। सरकार बारिश के जल को बचाने के लिए भी कदम उठा रही है। अटल भू जल योजना से 64 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता विकसित की गई है।
महिला सशक्तिकरण पर सरकार का विशेष ध्यान
महिला सशक्तिकरण की तरफ सरकार का खास ध्यान है। लड़कियों की शादी की उम्र लड़कों के बराबर होगी। सैनिक स्कूलों में अब लड़कियों का भी नामांकन होता है। तीन तलाक को खत्म किया गया। रामनाथ कोविंद बोले कि सरकार ने तीन तलाक को कानूनन अपराध घोषित कर समाज को इस कुप्रथा से मुक्त करने की शुरुआत की है। मुस्लिम महिलाओं पर केवल मेहरम के साथ ही हज यात्रा करने जैसे प्रतिबंधों को भी हटाया गया है।
तेजी से बढ़ रहा विदेशी निवेश
कोविंद बोले कि भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 630 बिलियन डॉलर है। भारत में विदेशी निवेश तेजी से बढ़ रहा है। निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के निरंतर प्रयासों से भारत एक बार फिर विश्व की सर्वाधिक तेजी से विकसित हो रही अर्थव्यवस्थाओं में से एक बन गया है। इस वित्त वर्ष के पहले 7 महीनों में 48 बिलियन डॉलर का विदेशी निवेश आना, इसका प्रमाण है कि अंतरराष्ट्रीय निवेशक भारत के विकास को लेकर आश्वस्त हैं।
देश की सुरक्षा पर विशेष ध्यान है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर सरकार का खास ध्यान है। 2020-21 में 87 फीसदी उत्पादों में मेक इन इंडिया को प्राथमिकता दी गई। 209 ऐसे सामानों की सूचि जारी की, जिनको विदेश से नहीं खरीदा जाएगा।
देश में नेशनल हाईवे की लंबाई बढ़कर अब 1 लाख 40 हजार किलोमीटर हो चुकी है। ग्रीन कॉरिडोर बनाए जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पूरा होने के करीब है। जो देश का सबसे लंबा एक्सप्रेसवे होगा।
खादी की बिक्री तीन गुना बढ़ी
कोरोना काल के बाद सूक्ष्म एवं लघु उद्योग के लिए 3 लाख करोड़ के कोलेट्रल फ्री लोन की व्यवस्था की गई थी। इस गारंटी को बाद में 4 लाख करोड़ किया जा चुका है। इससे छोटे उद्योगों को आगे बढ़ने में मदद मिल रही है। खादी की सफलता सबको दिख रही है। सरकार के प्रयासों से 2014 की तुलना में देश में खादी की बिक्री तीन गुना बढ़ी है।
उन्होंने कहा मेरी सरकार की नीतियों की वजह से आज भारत उन देशों में है जहां इंटरनेट की कीमत सबसे कम है तथा स्मार्ट फोन की कीमत भी सबसे कम है। इसका बहुत बड़ा लाभ भारत की नौजवान पीढ़ी को मिल रहा है।
विकसित भारत के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत
राष्ट्रपति बोले कि वर्ष 2047 में देश आज़ादी की शताब्दी पूरी करेगा। उस समय के भव्य, आधुनिक, विकसित भारत के लिए हमें आज कड़ी मेहनत करनी है। हमें अपने परिश्रम को पराकाष्ठा तक लेकर जाना है और यह सुनिश्चित करना है कि इसके लाभकारी परिणाम निकलें। इसमें हम सबकी समान भागीदारी है।







