स्पेशल डेस्क: राज्य कर एवं आबकारी विभाग द्वारा अवैध शराब के कारोबारियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही हैं। विभाग ने सिरमौर जिला के नारीवाला में शराब की फैक्ट्री का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आबकारी आयुक्त यूनुस ने लाइसेंस रद्द करने के बाद फैक्ट्री को सील करने के आदेश दिए है।
इससे पहले विभाग ने उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित की। कमेटी ने नारीवाला स्थित फैक्ट्री की विस्तृत जांच की। जांच में पाया गया कि फैक्ट्री में शराब बनाने, रख-रखाव और ढुलाई में अनियमितताएं बरती गई है।
कंपनी ने की 900 पेटियों की अवैध ढुलाई
जांच में यह भी पता चला कि कंपनी ने शराब की लगभग 900 पेटियों की बिना किसी वैध पास व परमिट के ढुलाई की है। इससे पहले भी एक बार कंपनी पर जुर्माना लगाया जा चुका है।
एक दर्जन कंपनियों के लाइसेंस रद्द
बता दें कि राज्य कर एवं आबकारी विभाग सुंदरनगर में जहरीली शराब से सात लोगों की मौत के बाद से एक्शन मोड में है। प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में एक दर्जन से अधिक के शराब ठेकेदारों व कंपनियों के लाइसेंस रद्द किए जा चुके हैं। हजारों लीटर अवैध शराब और स्पिरिट पकड़ी जा चुकी है।
तीन आबकारी इंस्पेक्टर भी सस्पेंड
बीते सप्ताह भी आबकारी विभाग की नूरपुर टीम ने पंजाब के साथ लगते सीमान्त क्षेत्र छन्नी वैली में भी 85 हजार अवैध शराब बनाने वालों पर कार्रवाई की है। इसी तरह ड्यूटी में कोताही बरतने वाले तीन आबकारी इंस्पेक्टर भी सस्पेंड कर दिए गए हैं।
अवैध शराब के खिलाफ मुहिम जारी : यूनुस
आबकारी आयुक्त यूनुस ने बताया कि सिरमौर के नारीवाला शराब फैक्ट्री पर हिमाचल प्रदेश आबकारी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ शुरू की गई यह मुहिम जारी रहेगी।







