शिमलाः हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया है। राज्यपाल ने अभिभाषण के दौरान कहा कि हिमाचल सरकार पिछले 2 साल से कोविड से जूझ रही है। पहले प्रदेश में 52 वेंटिलेटर थे, अब 1014 हैं।
ऑक्सीजन सिलेंडर 17 हजार हैं। कोविड टीकाकरण में शत प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने वाला हिमाचल पहला राज्य है। कोरोना काल में सरकार का प्रबंधन बेहतरीन रहा वहीं केंद्र सरकार से भरपूर मदद मिली।
बजट अभिभाषण के बाद आज सदन स्थगित किया जाएगा। कल से सदन में चर्चा होनी है। इससे पहले दिवंगत सदस्यों के लिए शोक-उद्गार प्रस्ताव पेश किया जाना है।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 4 मार्च को सदन में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए बजट प्रस्तुत करेंगे। जयराम ठाकुर का बतौर मुख्यमंत्री यह 5वां और मौजूदा कार्यकाल का अंतिम बजट है। 15 मार्च तक चलने वाले सदन में इस बार कुल 15 बैठकें रखी गई है। बजट सत्र के लिए विधानसभा में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है।
बीते साल बजट सत्र में राज्यपाल के घेराव से उत्पन्न हालात को ध्यान में रखते हुए उनकी सुरक्षा की विशेष व्यवस्था की गई है। विधानसभा परिसर की सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए ड्रोन का इंतजाम किया गया है। इस बार 460 पुलिस जवान और 70 होमगार्ड जवान तैनात किए गए हैं।
चुनावी वर्ष के कारण हर एक वर्ग सरकार से कुछ न कुछ उम्मीद लगाए बैठा है। पंजाब की तर्ज पर वेतनमान, पुरानी पेंशन बहाली, फोरलेन प्रभावित, करुणा-मूलक आश्रितों समेत कई वर्ग का विधानसभा घेराव कर सकते हैं।
इस बार सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं। महंगाई, बेरोजगारी, सड़कों की खस्ता-हालत, आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण, जहरीली शराब मामला, कोरोना काल में सरकार का कुप्रबंध, फिजूलखर्ची, खाद की कमी, महंगे कीटनाशक, कानून व्यवस्था और बढ़ता कर्ज जैसे मुद्दे को लेकर सदन में नोक-झोंक देखने को मिल सकती है।







