शिमलाः हिमाचल प्रदेश विधानसभा सत्र के सांतवे दिन काफी हंगामा हुआ। ओल्ड पेंशन बहाली की मांग को लेकर राजधानी शिमला में हजारों कर्मचारी प्रदर्शन करने पहुंचे। कर्मचारियों ने वीरवार को 103 टनल के पास मुख्य सड़क को जाम कर दिया था। इस वजह से पूरा शहर जाम हो गया था व प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस प्रशासन को सख्ती करनी पड़ी।
इस बीच पुलिस और कर्मचारियों के बीच हाथापाई भी हुई। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने जहां प्रदर्शन कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज किया वहीं, उन पर पानी की बौछारें तक कर डाली।
शिमला पुलिस ने सड़क जाम करने वाले प्रदर्शकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बालूगंज थाने में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज हुई है। एफआईआर में कहा गया है कि एनपीएस कर्मचारी महासंघ के राज्य अध्यक्ष की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने 103 टनल के पास सोलन-शिमला मार्ग को बाधित किया।
प्रदर्शनकारी काफी समय तक वहां डटे रहे। इस दौरान पुलिस कर्मियों को उनकी ड्यूटी करने से रोका गया। एक महिला कांस्टेबल चोटिल भी हुई। पुलिस ने आईपीसी की धारा 147, 149, 341, 253, 332 और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर एनपीएस कर्मचारी संघ के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सौरव वैध, श्याम लाल गौतम सहित अन्य पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


