शिमला :- अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई द्वारा वीरवार दोपहर को अधिष्ठाता अध्ययन को ज्ञापन सौम्पा गया | विद्यार्थी परिषद ने इस ज्ञापन के माध्यम से मांग कि रिअपीयर की फीस को कम तथा बिना प्रवेश परीक्षा के पीएचडी में दाखिले के नियम को निरस्त किया जाए |
इकाई सचिव कमलेश ने अपनी मांगों को विस्तार से बताते हुए कहा कि विवि प्रशासन द्वारा पीएचडी में बिना प्रवेश परीक्षा के दाखिले का तानाशाही फरमान आधिकारिक परिषद में पारित किया गया था | विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि उस नियम को आने वाली आधिकारिक परिषद की बैठक में वापिस लिया जाए | उन्होंने कहा कि यह आम छात्रों के साथ सरासर अन्याय है | एक आम छात्र दिन रात लाइब्रेरी में बैठकर इस परीक्षा की तैयारी करता है लेकिन विवि प्रशासन के बेतुके फरमान जारी होने के कारण लाइब्रेरी में तैयारी कर रहे उन बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है | इसीलिए इस नियम को जल्द से जल्द वापिस लिया जाए ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हों |
अपनी दूसरी मांग को लेकर कमलेश ने कहा कि रि अपीयर परीक्षा की फीस को 500 रू से कम किया जाए | उन्होंने कहा कि बहुत से छात्र गरीब घरों से संबंध रखते हैं वो एक रि अपीयर की परीक्षा के 500 रू नहीं भर सकता | उन्होंने कहा कि एक तरफ विवि प्रशासन एक सेमेस्टर की रेगुलर परीक्षाओं की 1200 रूपए फीस लेता है तो दूसरी तरफ एक रि अपीयर के सब्जेक्ट की 500रू फीस लेता है | यह छात्रों के साथ अन्याय है तो इसीलिए रि अपीयर परीक्षाओं की फीस को भी कम किया जाए ताकि छात्रों को राहत प्रदान की जा सके |
कमलेश ने विवि प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर आने वाली आधिकारिक परिषद की बैठक में इन मांगों के ऊपर सकारात्मक निर्णय नहीं लिए गए तो विद्यार्थी परिषद उग्र से उग्र आंदोलन करेगी और इसके लिए विवि प्रशासन स्वंय जिम्मेदार रहेगा |






