शिमला :- उत्कृष्ट शिक्षा केंद्र राजकीय महाविद्यालय संजौली में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2022 के अंतर्गत संभावनाओं और चुनौतियों पर छात्र संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिसमें शहरी विकास एवं नियोजन मंत्री श्री सुरेश भारद्वाज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे ,राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद के अध्यक्ष और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के हिमाचल में पुरस्कर्ता प्रोफेसर सुनील गुप्ता विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे और सरदार पटेल विश्वविद्यालय मंडी के पूर्व कुलपति प्रोफेसर चमन लाल चंदन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर विस्तृत व्याख्यान दिया और संजौली महाविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रकट की गई आशंकाओं का निवारण किया। साथ ही कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में सहायक होगी। किसी वजह से कोई अपनी शिक्षा पूरी नही कर पाता तो उसे भी उस हिसाब से अवसर मिलेंगे।
मुख्य अतिथि श्री सुरेश भारद्वाज ने कहा गत 75 वर्षों से देश में अंग्रेजों द्वारा स्थापित किए गए शिक्षा मॉडल के अनुरूप शिक्षा दी जा रही है जबकि भारत विश्व गुरु के रूप में जाना जाता है यहां वैदिक काल से जो शिक्षा पद्धति यहां चली रही है उसका अनुसरण पूरी दुनिया ने किया है नई शिक्षा नीति में जो अंतर्विषयक अवधारणा रखी गई है। वह पुस्तकीय ज्ञान के साथ कार्य दक्षता पर आधारित की गई है वह व्यवस्था नई नहीं है, बल्कि रामायण काल, महाभारत काल में भी शास्त्र ज्ञान के साथ शस्त्र ज्ञान की शिक्षा दी जाती थी, राजनीति और इतिहास को पढ़ाया और सिखाया जाता था और एक सक्षम नागरिक बनाया जाता था। नई शिक्षा नीति इसी कड़ी में आगे बढ़ रही है और एक प्रयास है कि हम हम बेहतर इंसान बनाएं जो कार्यकुशलता के साथ राष्ट्र निर्माण में और समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाए। प्रोफेसर सुनील गुप्ता ने कहा इस राष्ट्रीय शिक्षा नीति को जल्दबाजी में लागू नहीं किया जाएगा ।इसीलिए हर महाविद्यालय में विद्यार्थियों के साथ संवाद कर उनकी भावनाओं और उनकी आशंकाओं का निवारण किया जाएगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर चंद्रभान मेहता ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और कहा की राष्ट्रीय शिक्षा नीति में छात्र संवाद के लिए राजकीय महाविद्यालय संजौलील से इसकी शुरुआत की है जिसमें विद्यार्थियों ने अनेकों प्रश्न उठाए और राष्ट्रीय शिक्षा नीति के स्रोत वैद्य प्रोफ़ेसर चंदन ने उसका निवारण किया ।इसके लिए मुख्य अतिथि और अन्य अतिथियों का आभार प्रकट किया इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और हजारों की तादाद में विद्यार्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज की







