मोक्ष शर्मा/शिमला: बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष व शीर्ष नेता डॉ. बिंदल विवादों में घिरे रहते हैं, मगर हर बार इससे उबर आते हैं। ताजा मामले में स्वास्थ्य निदेशालय में 5 लाख के कथित लेन-देन के वायरल आडियो में पूर्व स्पीकर रहे डॉ. राजीव बिंदल को क्लीन चिट मिल गई है।
ये वही मामला है, जिसमें डॉ. बिंदल ने नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे दिया था। चूंकि, स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निदेशक डॉ. अजय गुप्ता भी नाहन हलके के ही रहने वाले हैं, लिहाजा स्थानीय विधायक का नाम प्रकरण के साथ जोड़ा गया था।
इस मामले में यह स्पष्ट हो गया है कि डॉ. राजीव बिंदल ने स्वास्थ्य विभाग के तत्कालीन निदेशक डॉ. अजय गुप्ता के सेवा विस्तार को लेकर स्तुति नहींं की थी। मीडियो रिपोर्टस में विजिलेंस का कहना है कि पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल या उनके किसी भी करीबी की संलिप्तता जांच में नहीं पाई गई है। इसको लेकर कोई साक्ष्य नहीं मिले हैं।
बता दें कि चंद सप्ताह पहले ही स्टेट विजिलेंस व एंटी क्रप्शन ब्यूरो ने वायरल ऑडियो की फोरेंसिक जांच भी पूरी कर ली थी। इसमें इस बात पर मुहर लगी थी कि तत्कालीन निदेशक व एजेंट पृथ्वी सिंह की बातचीत हुई थी।
ऑडियो मामले में डॉ. राजीव बिंदल ने 26 मई को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी थी।
अब विधायक को क्लीन चिट मिलने के बाद नाहन विधानसभा क्षेत्र में भी खासी हलचल है। समर्थकों ने सत्यमेव जयते के शब्दों का इस्तेमाल करते हुए प्रसन्नता जाहिर की है। विधायक खुद लगभग दो माह से निर्वाचन क्षेत्र का लगातार दौरा करने में लगे हुए हैं। कुल मिलाकर अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में राजनीति किस तरफ रुख करती है।







