ख़बरनाउ ब्यूरो: भारत में 26 नवंबर को नेशनल मिल्क डे यानी राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जाता है। भारत में श्वेत क्रांति के जनक डॉ. वर्गीज कुरियन का जन्मदिन 26 नवंबर को पड़ता है, इसीलिए इस दिन को नेशनल मिल्क डे के रूप में मनाया जाता है। डॉ. वर्गीज कुरियन ने भारत में दूध उत्पादन को रिकॉर्ड स्तर तक बढ़ाने में बहुत अहम भूमिका निभाई थी। डॉ. वर्गीज कुरियन को भारत में श्वेत क्रांति का जनक भी कहा जाता है, इन्हें श्वेत क्रांति का नेतृत्व करने का श्रेय दिया जाता है। भारत के डेयरी उद्योग को देश के सबसे बड़े आत्मनिर्भर उद्योग की स्थिति में लाने के लिए ‘ऑपरेशन फ्लड’ की अगुवाई भी डॉक्टर वर्गीज कुरियन ने की थी।
भारतीय डेयरी संघ (आईडीए) द्वारा की गई पहल के बाद ही 2014 से भारत में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया जा रहा है। भारत के आर्थिक सर्वेक्षण 2021-2022 के मुताबिक भारत दूध उत्पादन में पहले स्थान पर है और वैश्विक दूध उत्पादन में लगभग 23 प्रतिशत का योगदान देता है। इतना ही नहीं, डेयरी एकमात्र सबसे बड़ी कृषि जिंस है जो राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में 5 प्रतिशत का योगदान करती है। 8 करोड़ से अधिक किसानों को सीधे रोजगार देती है।
1970 में भारत के राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड ने ग्रामीण विकास कार्यक्रम को शुरू किया। जिसे ऑपरेशन फ्लड नाम दिया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर पर मिल्क ग्रिड तैयार करना था। जिससे कि दूध के व्यापारियों द्वारा की जाने वाली मनमानी को रोका जा सके। इस कार्यक्रम को सफलतापूर्वक चलाने का काम वर्गीज कुरियन ने किया। जो कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के चेयरमैन थे। डॉ. वर्गीज कुरियन के खास ऑपरेशन के कारण भारत दुनिया में दूध उत्पादन के मामले में सबसे बड़ा देश बनकर उभरा और भारत के डेयरी डेवलपमेंट को नई उड़ान मिली। इसके साथ ही देश में मिल्क और मिल्क प्रोडक्ट्स बेचने वाली सबसे बड़ी कंपनी अमूल की शुरुआत भी डॉ. कुरियन ने ही की थी।







