ख़बरनाउ, ब्यूरो: हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के मंगरोट में धर्मशाला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर रखा खोखा हटा दिया गया है. प्रशासन ने रविवार को हाईवे की निशानदेही करवाई जिसमें जमीन सरकारी पाई गई. इसके बाद प्रशासन ने खोखे को हटाकर इसे अपने कब्जे में ले लिया. एनएच पर खोखा रखकर हाईवे को बाधित करने के मामले में व्यक्ति की मां के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है. बता दें कि हाईवे पर खोखा रखने वाले राजनकांत ने कागजों में यह जमीन उनकी होने का दावा किया था. उन्होने कहा था कि कागजों में राष्ट्रीय राजमार्ग कहीं और से है. इसकी जानकारी लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन को भी दी है कि जहां खोखा रखा है, वह जमीन कागजों में उनकी है.
रविवार को सदर तहसीलदार ने एसडीएम रामेश्वर दास की देखरेख में हाईवे की निशानदेही की. हाईवे पर खोखा रखने वाले व्यक्ति को उसे हटाने के लिए कहा गया, लेकिन वह नहीं माना. पुलिस बल और लोक निर्माण विभाग के कर्मी भी बुलाए गए. लोक निर्माण विभाग के कर्मी जेसीबी और टेंपो के साथ पहुंचे. जब वे खोखा हटाने लगे तो राजनकांत के परिवार के सदस्य विरोध करने लगे. पुलिसकर्मियों ने उन लोगों को हटाया और खोखे को सामान सहित कब्जे में लिया. वहीं हाईवे पर खोखा रखने वाले राजनकांत शर्मा ने कहा कि प्रशासन की ओर से की गई निशानदेही गलत है. हाईवे उनकी जमीन से निकाला गया है. वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे. इस खोखे से उसके परिवार की रोजी-रोटी चलती थी.


