ब्यूरो,खबरनाउ :हिमाचल में आठ दिसंबर को मतगणना के बाद भी ईवीएम मशीनों को 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। पहले जहां यह मशीनें स्ट्रांग रूम में ही रहती थीं, तो इस बार इन मशीनों को जिला मुख्यालय में रखा जाएगा। अबकी बार मतगणना के बाद इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों को स्ट्रांग रूम में नहीं रखा जाएगा। केंद्रीय निर्वाचन आयोग की ओर से ईवीएम मशीनों को मतगणना के बाद जिला मुख्यालयों में शिफ्ट करने के निर्देश जारी हुए हैं। यहां पर ईवीएम को जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में रखा जाएगा। पहले ईवीएम को स्ट्रांग रूम में 45 दिनों तक रखा जाता था।
हालांकि यहां पर भी ईवीएम की सुरक्षा फुलप्रूफ होती थी। सुरक्षा के कड़े घेरे में ईवीएम को सवा महीने तक सुरक्षित रखा जाता था, लेकिन अबकी बार यह मशीनें स्ट्रांग रूम में न रखकर जिला मुख्यालय में जिला निर्वाचन अधिकारियों की निगरानी में रखी जाएंगी। आठ दिसंबर को मतगणना के बाद 45 दिन तक ईवीएम में मतों के रिकॉर्ड को महफूज रखा जाएगा, ताकि अगर किसी ने मतों की गणना को लेकर कोई पिटीशन दायर करनी हो, तो रिकॉर्ड बना रहे। मतगणना के बाद अगर किसी व्यक्ति विशेष को लगे कि मतों की गणना सही नहीं हुई है या मतगणना दोबारा की जाए और इसको लेकर व्यक्ति कोर्ट में याचिका दायर करता है, तो उसे ध्यान में रखते हुए ईवीएम को 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाता है।
जिला मुख्यालय में 45 दिन तक यह ईवीएम राज्य आम्र्ड पुलिस की निगरानी में रहेंगी। राज्य निर्वाचन अधिकारी मनीष गर्ग ने बताया कि केंद्रीय चुनाव आयोग से मिले निर्देशों के बाद सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को आदेश जारी कर दिए गए हैं कि वह मतगणना के तुरंत बाद ईवीएम की मशीनों को जिला मुख्यालय में कड़ी सुरक्षा में शिफ्ट करें। यहां पर जिला निर्वाचन अधिकारी की निगरानी में मशीनों को 45 दिनों तक महफूज रखा जाएगा। प्रदेश विधानसभा चुनाव में 7000 से ज्यादा ईवीएम मशीनों को इस्तेमाल में लाया गया है।


