मुस्कान, ख़बरनाउ: साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए आए दिन नए-नए तरीके अपना रहे हैं. साइबर ठगों ने लोगों का ठगने के लिए अब एक नए डिवाइस का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है. इस डिवाइस से लोग पैसे निकालने के लिए एटीएम का बटन तो दबाते हैं, लेकिन पैसा साइबर अपराधियों को ही मिलता है. इस डिवाइस को साइबर की दुनिया में इम्रोवाइज डिवाइस के नाम से जाना जा रहा है. लोहे के इस डिवाइस को साइबर अपराधी कैश निकालने वाली जगह में कुछ मिनट में अंदर डालते ही ये डिवाइस अंदर जाने के बाद बाहर से भी नजर नहीं आता, जिस कारण एटीएम में आने वाले लोग इसे नहीं देख पाते और पैसे निकालने के लिए एटीएम में पिन नंबर डालते हैं. पैसे निकालने के लिए अमाउंट भी डालते हैं, लेकिन पैसा नहीं निकल पाता. इसके बाद लोग एटीएम खराब मानकर लोग वहां से निकल जाते हैं, लेकिन इसके बाद वहां साइबर ठग वहां पहुंचते हैं और फिर वो उस डिवाइस को निकालते हैं, जिसके बाद वो पैसा साइबर ठग निकाल ले जाते हैं. साइबर ठग लगातार पैसे उगाही को लेकर नई-नई तरकीब निकाल रहे हैं. इसी कड़ी में वो इम्प्रोवाइज डिवाइस का इस्तेमाल कर लोगों की गाड़ी कमाई पर हाथ साफ कर रहे हैं.
एटीएम में लोग साइबर अपराधियों के शिकार न बने इसे लेकर स्टेट सीआईडी के साइबर सेल के एएसपी भूपेंद्र सिंह नेगी ने बताया कि लोग एटीएम से पैसे निकालने में सावधानी रखें. स्कीमिंग मशीन न लगा हो इसकी पड़ताल कर लें. उन्होंने कहा कि कोई कीपैड के ऊपर या बगल में कोई हिडेन कैमरा न हो, इसकी जांच अवश्य करे. साथ ही पिन डालने से पहले ये भी वेरिफाई जरूर करें कि कोई आपके पिन को देखने की कोशिश तो नहीं कर रहा, जिस एटीएम में गार्ड न हो उस एटीएम के इस्तेमाल से बचें, किसी अंजान से एटीएम में सहायता न लें.







