खबरनाउ ब्यूरो: एसीसी सीमेंट फैक्ट्री पर ताला लटकने के बाद बिलासपुर जिला ट्रक ऑपरेटर सहकारी सभा (बीडीटीएस) और पूर्व सैनिक ट्रक ऑपरेटर यूनियन से संबद्ध लगभग चार हजार ट्रक ऑपरेटर्ज ने अपने हक को लेकर एक बड़ी लड़ाई लडऩे के लिए तैयारी शुरू कर दी है. शुक्रवार यानी आज बरमाणा में सभी ट्रक ऑपरेटर्ज की एक अहम बैठक बुलाई गई है जिसमें सभी की उपस्थिति अनिवार्य की गई है. इस बैठक में अडानी ग्रुप की मनमानी व अडिय़ल रवैये की वजह से पैदा हुए संकट पर गहन चर्चा करने के बाद एक संघर्ष समिति का गठन किया जाएगा और संघर्ष के लिए आगे की रणनीति तैयार की जाएगी. बरमाणा में सभी ऑपरेटर हक के लिए बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे. गरामोड़ा से लेकर बरमाणा तक गाडियां सडक पर खड़ी करने व चाबियां उपायुक्त को सौंपने के लिए भी ऑपरेटर विचार कर रहे हैं.
एसीसी फैक्ट्री बंद करने व कर्मचारियों को ड्यूटी पर न आने का फरमान जारी होने के बाद मचे हडक़ंप के बीच ट्रक ऑपरेटर्ज ने गुरूवार को बरमाणा के पुकार हॉल में एकत्रित होकर चर्चा की और इस संकट की घड़ी में एकजुट होकर हक के लिए आवाज बुलंद करने का निर्णय लिया. ट्रक ऑपरेटर्ज के अनुसार आज तक ऐसी नौबत नहीं आई, लेकिन 1984 में एक बार संकट जरूर सामने आया था. उस समय बीडीटीएस के पास 163 गाडिय़ां थीं. एसीसी प्रबंधन ने पंजाब राज्य के एक ठेकेदार को टेंडर कर दिया और वह ठेकेदार अपनी गाडिय़ां लेकर बरमाणा पहुंच गया था. इस पर भडक़े ऑपरेटरों ने जोरदार संघर्ष किया था और उस ठेकेदार की आधा दर्जन के करीब गाडिय़ां भी जलाई गई थीं. यही नहीं, उस संघर्ष के दौरान गोलियां तक चली थी. ऐसे में 37 साल बाद फिर से संकट सामने आया है.


