खबरनाउ ब्यूरो: देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। इस बीच कोरोना के खतरनाक XBB.1.5 सुपर वैरिएंट की भारत में एंट्री हो चुकी है और इस वैरिएंट का पहला केस गुजरात में मिला है। यह वैरिएंट ओमिक्रॉन का ही म्यूटेशन है। अमेरिका में यह सबसे तेजी से फैल रहा है। वहां अभी तक इसके 40% से ज्यादा मामले सामने आ चके हैं। गौरतलब है कि पिछले हफ्ते यह आंकड़ा 18% था। भारत में फिलहाल बीएफ.7 के मामले गुजरात और ओडिशा में मिले हैं। गुजरात में bf.7 से पीड़ित कोरोना पेशंट्स के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के बाद ओमीक्रोन के XBB.1.5 वैरिएंट का पहला केस सामने आया है।
उधर, यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो की एक स्टडी में पता चला है कि कैंसर का इलाज करवा रहे मरीजों में कोरोना से संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है। खासतौर पर उन्हें मरीजों को जिन्हें एंटी-CD 20 दी जा रही है। कनाडा में हुई यह स्टडी जर्नल ऑफ द अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन में पब्लिश हुई है। दरअसल XBB.1.5 ओमीक्रोन का एक सब-वैरिएंट है जिसे अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिकों ने न्यूयॉर्क में कोविड मामलों के जिम्मेदार ठहराया है। साथ ही न्यूयॉर्क के अस्पतालों में भर्ती अधिकांश कोरोना पेशंट्स इस वैरिएंट से पीड़ित हैं। XBB वैरिएंट BA.2.10.1 और BA.2.75 से मिलकर बना हुआ है। यह भारत के अलावा दुनिया के 34 अन्य देशों में भी फैला हुआ है। यह वैरिएंट ओमीक्रोन परिवार के सभी वैरिएंट की तुलना में सबसे खतरनाक है। भारत में फिलहाल बीएफ.7 के मामले गुजरात और ओडिशा में मिले हैं। गुजरात में bf.7 से पीड़ित कोरोना पेशंट्स के सैंपल की जीनोम सिक्वेंसिंग के बाद ओमीक्रोन के XBB.1.5 वैरिएंट का पहला केस सामने आया है।


