खबरनाउ ब्यूरो: नए साल में पंजाब सरकार की नई ई-व्हीकल नीति आने जा रही है। सरकार ने अगस्त में इसका मसौदा तैयार किया था, जिसको लेकर लोगों से सुझाव लिए जा रहे हैं। पंजाब को स्वच्छ, हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने के उद्देश्य से परिवहन विभाग की ओर से नई इलेक्ट्रिक वाहन नीति का ड्राफ्ट तैयार किया है।
पिछले साल की तुलना में 25 प्रतिशत अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों के रजिस्ट्रेशन की परिकल्पना वाली इस मसौदा नीति को मुख्यमंत्री भगवंत मान द्वारा मंजूरी दी गई। ड्राफ्ट पॉलिसी के तहत लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला और बठिंडा जैसे शहरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, क्योंकि राज्य के 50 फीसदी से ज्यादा वाहन इन्हीं शहरों में हैं। मसौदा नीति के अनुसार राज्य भर में निजी और सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए इलेक्ट्रिक चार्जिंग प्वाइंट के तौर पर बुनियादी ढांचा स्थापित किया जाएगा।
परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने शुक्रवार को यहां जारी बयान में कहा कि इस मसौदा नीति में राज्य में इलेक्ट्रिक वाहन चुनने वाले लोगों के लिए नकद रियायतों की व्यवस्था की गई है। इलेक्ट्रिक वाहनों के पहले एक लाख खरीदारों को 10,000 रुपये तक की वित्तीय रियायत मिलेगी। इलेक्ट्रिक ऑटो-रिक्शा और ई-रिक्शा के पहले 10,000 खरीदारों को 30,000 रुपये तक की वित्तीय छूट मिलेगी। वहीं पहले 5,000 ई-कार्ट खरीदारों को 30,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। इसके साथ ही हल्के व्यापारिक वाहनों के पहले 5,000 खरीदारों को 30,000 से 50,000 रुपये तक की छूट मिलेगी। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहनों की रजिस्ट्रेशन पर लगने वाली फीस और रोड टैक्स में छूट का भी प्रावधान किया गया है। नीति को अंतिम रूप देने से पहले जनता की राय ली जाएगी।
मंत्री ने बताया कि पंजाब के लोगों को ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करने के लिए ई-गवर्नेंस की दिशा में कदम उठाते हुए परिवहन विभाग ने ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस की सुविधा शुरू की है। पोर्टल http://www.sarathi.parivahan.gov.in की शुरुआत से लोगों को अब घर बैठे ही ऑनलाइन लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस मिल रहा है। आवेदक अपना आधार कार्ड अपलोड कर लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस अप्लाई कर सकता है, जिसके बाद वह ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस टेस्ट में भाग ले सकता है। ऑनलाइन टेस्ट पास करने के बाद आवेदक लाइसेंस डाउनलोड कर उसका प्रिंट ले सकेंगे। इस ऑनलाइन सेवा से लोगों के समय की बचत हो रही है, जबकि लाइसेंस प्राप्त करने के लिए पहले लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था।


