पूनम मेहता, शिमला : कोरोना काल के बीच 6 माह के बाद गुरुवार से श्रद्धालुओं के लिए हिमाचल के धार्मिक स्थल खुल गए हैं। इसी के साथ आस्था और भक्ति के प्रतीक छोटे-मोटे कारोबार से जुड़े हजारों लोगों में भी उत्साह दिखा। राजधानी शिमला में संकटमोचन, तारादेवी और जाखू मंदिर के कपाट गुरुवार सुबह खुल गए हैं।
सराहन स्थित प्रसिद्ध मां भीमाकाली मंदिर में सुबह सात से शाम साढ़े छह बजे तक भक्तों को माता के दर्शन करने की अनुमति है। शाम सात बजे मंदिर के कपाट बंद होंगे। मां चिंतपूर्णी का दरबार सुबह 9 से शाम 7 बजे तक श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है। श्रद्धालु प्रसाद ले जा सकेंगे, लेकिन इसे चढ़ाने पर मनाही है। श्री नयना देवी जी मंदिर में रोजाना एक हजार श्रद्धालु दर्शन कर पाएंगे।
मंदिर में 60 साल से अधिक और 10 साल से कम उम्र के बच्चों और गर्भवती महिलाओं के प्रवेश पर फिलहाल रोक है। शक्तिपीठ बज्रेश्वरी मां के दर्शन भक्त सुबह सात से शाम सात बजे तक करेंगे। मंदिर में प्रसाद ले जाने पर मनाही है मां चामुंडा के दर्शन भी इसी समय हो सकेंगे। मंदिर प्रतिदिन सुबह छह बजे खुलेगा और शाम 7 बजे बजे बंद होगा। प्रतिदिन लगभग 500 श्रद्धालुओं को दर्शन की अनुमति दी जाएगी।

