शिमला : दिनांक 20/01/2024 को अनु फार्म (पी सी डी ओ अनु) में प्रात: 11.00 बजे से 5 बजे तक बागवानों के लिए एक दिवसीय बदलते परिवेश मे रुट स्टाक पर सेब की सघन बागवानी पर प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया जा गया
जिसमें कि बागवानों को दो समुहो मे सघन खेती के संबंधित प्रयोगिक जानकारी दी गई
रुटस्टॉक कैसे तैयार किया जाता है, प्रायोगिक विधी द्वारा डा.पंकज मोहन धानटा उद्यान विकास अधिकारी द्वारा विस्तारित रुप मे बताया
कौनसा रुटणस्टाक और कौनसी वैरायटी कितनी ऊंचाई पर लगाया जाए!
किस तरह से ट्रेनिंग और प्रूनिंग की जाए जैसे विषय पर जानकारी डॉ कुशाल सिंह मेहता विषय विशेषज्ञ उद्यान जिला शिमला द्वारा प्रयोगिक तौर पर दि गई
उद्यान विकास अधिकारी जुब्बल डॉ. नवीन चिलैन द्वारा बागवानो को बागवानी विभाग हिमाचल प्रदेश द्वारा जन हित के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओ पर विस्तृत जानकरी दि
इन शिविरो मे डा. सुरेश छाजटा, यशपाल पनाटु,अरुण कुमार, हेमन्त शर्मा, ललिता गेशटा, तन्वी धोलटा,सहित 100 से ज्यादा बागवानो ने भाग लिया गया इन कम्पो का आयोजन विष्व बैंक पोषित परियोजना के तहत उपनिदेशक उधान जिला शिमला के आदेशानुसार किया गया इस तरह के केम्पो का आयोजन जिला शिमला के सभी खण्ड स्तर पर आगामी समय मे किया जायेगा
सुखे की मार झेल रहे हिमाचल प्रदेश मे इस वर्ष रुट स्टाक पर सेब बगिचा लगाने की वही बागवान हिम्मत जुटा रहा जिसके पास पर्याप्त मात्रा मे सिंचाई हेतु पानी का प्रबंध है ज्ञात रहे जिला शिमला मे विष्व बैंक पोषित परियोजना के तहत 46 समुह मे पानी पहुंचा लिया गया है जिसमे बागवानो का रूझान अब रुट स्टाक पर सघन खेती की तरफ जोश के साथ देखा जा रहा है
रुट पर सेब बागवानी के फायदे
1. कम भूमी पर अधिक पौद एवं अधिक गुणात्मक फसल
2. तीन से पांच साल मे फसल विक्री कर कमाई कर घर द्वार स्वरोजगार
3. बगीचा त्यार होने के बाद परिवार द्वारा रख रखाव एवं फसल तुड़ान किया जा सकता है लेबर की जरुरत नही
4. पर्यावरण बदलाव पर भी फल हर साल ले सकते है क्योंकी नई किस्मो को चिलिनग हावर 300 से 800 घण्टे चाहिए
5. रुट स्टाक बिमारी अवरोधक होते है जिसमे खास कर पुराने बगीचे मे फिर से बगीचा कामयाब हो सकता है
सर्वगुण सम्पन्न रुट स्टाक पर बागवानी
फिर क्यो करे बागवान नए बगीचे लगाने मे मनमानी

