सिरमौर : राजकीय प्राथमिक केंद्र पाठशाला भलोना में विगत तीन वर्षों से दो जेबीटी (JBT) पद रिक्त पड़े हैं, जबकि केवल एक सीएचटी (CHT) शिक्षक कार्यरत हैं। कक्षा 1 से 5 तक के लगभग 30 विद्यार्थियों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। विद्यालय में शिक्षक की भारी कमी होने के बावजूद अब तक कोई समाधान नहीं निकाला गया है।
विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) द्वारा दो बार बैठकें आयोजित की जा चुकी हैं और इस विषय में संबंधित अधिकारियों को सूचित किया गया, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
प्री-प्राइमरी कक्षा आरंभ करने के लिए निदेशालय से निर्देश मिलने के बाद लगभग 30 बच्चों का नामांकन हो चुका है। अब विद्यालय में कुल छात्र संख्या 50 से 55 के बीच हो गई है, लेकिन उन्हें पढ़ाने और संभालने के लिए केवल एक शिक्षक ही तैनात है। इससे न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि शिक्षक पर अनावश्यक प्रशासनिक व कागजी कार्यभार भी बढ़ गया है।
भलोना युवक मंडल के प्रतिनिधि भी इस मुद्दे को लेकर 2 से 3 बार निदेशालय कार्यालय में ज्ञापन सौंप चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
इस मुद्दे पर नव युवक मंडल मीडिया प्रभारी श्री सुरेश भारद्वाज ने कहा कि:
“प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री गुणवत्ता शिक्षा के नाम पर स्कूल बंद कर रहे हैं, यह सही है कि कम संख्या वाले स्कूलों का पुनर्गठन जरूरी है, लेकिन जहां पर पहले से दर्जनों बच्चे पढ़ रहे हैं, वहां पर शिक्षकों की नियुक्ति तो की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री गांवों के विकास की बात करते हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण जिससे गांव खाली हो रहे हैं, वह है – शिक्षा की व्यवस्था का अभाव। अगर बच्चों को उचित शिक्षा गांवों में नहीं मिलेगी, तो पलायन रुक नहीं सकता।”
श्री सुरेश भारद्वाज ने यह भी बताया कि: “कई बार शिक्षकों की नियुक्ति का आदेश हुआ, लेकिन स्थानीय विधायक द्वारा DO नोट लगवाकर उन्हें ज्वाइन नहीं करने दिया गया। यह बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। यदि शीघ्र ही इन रिक्त पदों को नहीं भरा गया, तो युवक मंडल व ग्रामवासी आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।”
हम सभी संबंधित अधिकारियों, जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं प्रदेश सरकार से निवेदन करते हैं कि इस मामले की तुरंत गंभीरता से जांच की जाए और विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति जल्द सुनिश्चित की जाए।
