स्पेशल डेस्क: चंडीगढ़ के 90 सरकारी स्कूलों के 25000 विद्यार्थियों के परिजनों ने बच्चों को स्कूल भेजने की इच्छा जताई है। शिक्षा विभाग ने इसके बाद स्कूलों को खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। वीरवार को जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी स्कूलों के प्रिंसिपल के साथ गूगल मीट के जरिए बैठक की। इसमें स्कूल खोलने संबंधी कई दिशा-निर्देश जारी किए गए और प्रबंधकों को स्कूल खोलने के लिए तैयार रहने को कहा गया।
केंद्र सरकार ने 21 सितंबर से नौवीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को स्कूल में बुलाने की अनुमति दी है। हालांकि इसके लिए सरकार ने परिजनों की मंजूरी को अनिवार्य किया है। यूटी शिक्षा विभाग के जिला शिक्षा अधिकारी अलका मेहता की अध्यक्षता में वीरवार को हुई बैठक में समग्र शिक्षा के मिशन को-ऑर्डिनेटर रविंदर कौर, मनजीत कौर समेत सभी स्कूलों के प्रमुख व प्रिंसिपल उपस्थित रहे।
बैठक में 21 सितंबर से स्कूल खोलने के बाद आने वाली चुनौतियां पर बातचीत की गई। केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यूटी शिक्षा विभाग ने गूगल फार्म के जरिए शहर के 90 स्कूलों में पढ़ने वाले सभी बच्चों के माता-पिता से उनकी सहमति के बारे में पूछा था। बच्चों के परिजनों की इच्छा के अनुसार ही स्कूल खोले जाने की योजना बनाई गई है। इस बीच सरकारी स्कूलों को सैनिटाइज कराने का काम शुरू कर दिया गया है।







