सोलन/कसौली: रेनबूकाई कराटे-डू दरुमा जुकू इंडिया के चीफ टेक्निकल डायरेक्टर सुबोध धीमान ने कसौली में आयोजित एक दिवसीय कराटे कैंप में प्रशिक्षण दिया। सेंसेई संजीव की कराटे यूनिट की ओर से आयोजित इस कैंप में छोटे बच्चों, लड़कियों, युवाओं और ब्लैक बेल्ट खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। कैंप में खिलाड़ियों को रेनबूकाई कराटे की विशेष तकनीकें, स्टांस, फुटवर्क और शुरुआती आत्मरक्षा अभ्यास सिखाए गए। इस बीच सुबोध धीमान ने कहा कि कराटे का मूल उद्देश्य, उसकी फिलॉसफी और एथिक्स आजकल व्यावसायिकता की होड़ में कहीं खोते जा रहे हैं। बेल्ट ग्रेडिंग और प्रतियोगिताओं के नाम पर खिलाड़ियों को भ्रमित करने की प्रवृत्ति बढ़ रही है, जिससे बाहर निकलना आवश्यक है। उन्होंने साफ कहा कि कराटे की वास्तविक पहचान उसकी तकनीक, अनुशासन, मेहनत और चरित्र निर्माण में है, न कि रंगीन बेल्टों या सर्टिफिकेट्स में। इसलिए प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों को पारंपरिक कराटे के असली सार पर लौटने और तकनीकों को शुद्ध रूप में सीखने-सिखाने की जरूरत है। चीफ धीमान ने बताया कि रेनबूकाई एक पारंपरिक कराटे शैली है, जो खियोन (बुनियादी तकनीक), काता (निर्धारित फॉर्म), कुमिते (स्पायरिंग), अनुशासन, आत्मरक्षा और चरित्र निर्माण को एक साथ जोड़ती है। यह शैली शरीर की ताकत, तेजी, संतुलन और मानसिक एकाग्रता के समग्र विकास पर जोर देती है। खिलाड़ियों ने उनके प्रशिक्षण की खूब सराहना की। सुबोध धीमान वर्षों से देशभर में कराटे की जागरूकता फैलाने में सक्रिय हैं। वे कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अपनी क्षमता साबित कर चुके हैं और सोशल मीडिया पर भी बतौर कराटे विशेषज्ञ व मोटिवेशनल स्पीकर बच्चों और महिलाओं को लगातार प्रेरित कर रहे हैं। सेंसेई संजीव ठाकुर ने कहा कि इस तरह के कैंप खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय कराटे मानकों और पारंपरिक प्रशिक्षण पद्धति से जोड़ते हैं। उन्होंने सुबोध धीमान के कसौली आगमन को क्षेत्र के कराटे खिलाड़ियों के लिए बड़ा अवसर बताया और कहा कि आगे भी ऐसे कैंप नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। कैंप में डिस्ट्रिक्ट कराटे एसोसिएशन सोलन के प्रधान पुनीत वर्मा, एडवोकेट विमल कपिल, बीडीसी सदस्य मनोज ठाकुर, कोच राजेश कालिया, सुमित चिलवाल, खुशाल ठाकुर, अनिल सकलानी, अक्षय ठाकुर, विक्रांत ठाकुर, राम लाल, विशाल ठाकुर, अंकुश और पवन सहित दर्जनों कोच उपस्थित रहे।







