30 जनवरी 2026, हिमाचल प्रदेश : पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं हमीरपुर से भाजपा सांसद अनुराग ठाकुर ने आज जसवां प्रागपुर विधान सभा के जंडौर व चिंतपूर्णी में जनसभा को संबोधित कर विकसित भारत, गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण), यानी ‘जी राम जी’ पर मोदी सरकार का दूरदर्शी विजन सामने रखा। जनता को संबोधित करते हुए श्री अनुराग सिंह ठाकुर ने केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल प्रदेश के विकास के लिए दी गई बड़ी सौगातों के बारे में भी बात कि और कहा कि हिमाचल प्रदेश में यदि केंद्र सरकार की ओर से बड़े प्रोजेक्ट ना आएं, तो यहाँ विकास कार्य ठप्प पड़ जाए।
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ केंद्र की मोदी सरकार ने हिमाचल के विकास में कभी कभी भी सौगातों की कोई कमी नहीं रखी। सुचारू आवागमन के लिए सड़क, रेल, पुल जब जहाँ जैसी जरुरत पड़ी मोदी सरकार ने हिमाचल के हित में सबको अविलंब मंज़ूरी देने का काम किया है। अभी ये साल शुरू ही हुआ है और हमने केंद्र से 2000 करोड़ रुपये की सड़कें प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अंतर्गत मंजूर करवा ली हैं। मेरे हमीरपुर संसदीय क्षेत्र के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना( पीएमजीएसवाई)-iv बैच-1 के अंतर्गत ₹83.82 करोड़ की 17 सड़क कार्य (53.71 किमी.) की स्वीकृति दी है। पूर्व में जब हिमाचल में भाजपा की सरकार थी तो देहरा-जसवां प्रागपुर में विकास कार्यों को प्रमुखता से बल दिया गया था। मॉडल आईटीआई, पॉलीटेक्निक कॉलेज से लेकर स्कूल भवन, सड़कें, पुल सब बनाये गए। फतेहपुर से जसवां के संसारपुर टेरेस को जोड़ने के लिए 108 करोड़ रुपये मंजूर हुए, कोविड में एक बड़े पुल की माँग पर रिकॉर्ड समय में 65 करोड़ की लागत का पुल मोदी सरकार ने यहाँ बना कर दिया”
अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा को संशोधित करते हुए विकसित भारत जी राम जी परियोजना के रूप में लाया जा रहा है। इसी के तहत भारतीय जनता पार्टी द्वारा देशव्यापी अभियान चलाकर इस नए अधिनियम के फायदे लोगों को बताए जा रहे हैं। शनिवार को सांसद अनुराग ठाकुर ने इसी अभियान के तहत जिला मुख्यालय के लालसिंगी के दोनों बूथ और अरनियाला ग्राम केंद्र के बाशिंदों को इस अधिनियम की खूबियां बताई। उन्होंने कहा कि पहले 100 दिन का रोजगार मिलता था लेकिन अब 125 दिन का रोजगार होगा। उन्होंने कहा कि पहले मजदूर को 15 दिन के भीतर पैसे मिलते थे। लेकिन अब इसे 7 दिन के भीतर मजदूर के खाते में पहुंचना सुनिश्चित किया जाएगा, यदि विलंब होगा तो उसका ब्याज भी मजदूर को दिया जाएगा। इस मौके पर उन्होंने कहा कि नए स्वरूप के तहत मजदूरों को खेती किसानी के लिए भी पर्याप्त समय मिलेगा। जबकि इसके अतिरिक्त इसके स्वरूप को और विस्तृत करते हुए कई काम शामिल किया जा रहे हैं ताकि ग्रामीण क्षेत्र को इस अधिनियम के दम पर सही मायने में विकसित किया जा सके। उन्होंने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के समय मनरेगा का अधिकतम बजट 33000 करोड रुपए रहा था, लेकिन भाजपा की सरकार ने सिर्फ एक साल में मनरेगा को 1.11 लाख करोड़ का बजट भी दिया”

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “ आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की सरकार ने मनरेगा में मूलभूत सुधार लाने व मनरेगा के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से विकसित भारत–रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) विधेयक, 2025 लेकर आई। यह नया कानून न केवल ग्रामीण परिवारों को अधिक दिनों के रोजगार की गारंटी देता है, बल्कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी यह सहायक होगा। इस विधेयक को लाने के पीछे की मंशा बिल्कुल साफ थी, हमारा उद्देश्य है गरीब कल्याण की इस योजना को पूरी तरह से पारदर्शी बनाना, फर्जी जॉब कार्ड के सहारे गरीबों के हक़ के पैसे का जो बंदरबाँट हो रहा था, उस हकमारी को पूरी तरह से समाप्त करना। जी-राम-जी का उद्देश्य लंबे समय से चली आ रही बिखरी हुई व्यवस्था और नीतिगत गतिरोध को समाप्त करना है। यह बिल पुराने बिखरे हुए नियमों को निरस्त कर उनकी जगह लाइसेंसिंग, सुरक्षा एप्रूवल, जवाबदेही और मुआवजे को कवर करने वाला एक फ्रेमवर्क लागू करता है। कांग्रेस के इतिहास पर नजर डालिए। कांग्रेस केवल नाम बदलने में लगी रही। कोविड के समय मजदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए मोदी सरकार ने अपने सारे खजाने खोल दिए थे। हमने MGNREGA में 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च हमने मनरेगा में किया था, जो कांग्रेस कभी सोच भी नहीं सकती थी। कांग्रेस के समय लोगों को पैसा नहीं मिलता था, बिचौलिए खा जाते थे। हमने जियोटैग करने का काम शुरू किया। बैंक खाते खुलवाकर लोगों के खातों में पैसा डालने का काम हमने किया। इनके समय कहते थे कि 15 दिन में पैसा मिलेगा। कई-कई महीने तक पैसा नहीं मिलता था। हमने उसको वीकली करने का नाम किया। यही नहीं इसका बजट भी पहले से ज्यादा हो, राज्य सरकारों की भूमिका हो, वो भी हमने किया, जिससे स्कीम का विस्तार किया जा सके”

अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा “विकसित भारत–जी राम जी विधेयक 2025 सिर्फ रोजगार योजना नहीं, बल्कि रोजगार और आजीविका मिशन के तौर पर देश की अर्थव्यवस्था को और गति देने वाली योजना बनेगी। इससे ग्रामीण परिवारों की आय सुरक्षा और मजबूत होगी और गांवों में खपत बढ़ेगी। नए कानून की प्रमुख विशेषता यह है कि ग्रामीण परिवारों को प्रति वित्तीय वर्ष 125 दिनों के मजदूरी रोजगार की वैधानिक गारंटी दी जाएगी, जो मनरेगा के तहत मिलने वाले 100 दिनों से 25 दिन अधिक है। पुराने कानून में मज़दूरों को 15 दिनों के अंदर मजदूरी देने की बात थी ।अब नए कानून में एक सप्ताह के अन्दर मजदूरी देना जरुरी होगा, और अगर किसी कारण से तय समय सीमा के अंदर मजदूरों को कम के बदले मजदूरी नहीं मिलती है तो उन्हें इंटरेस्ट के साथ पैसे मिलेंगें। अगर मजदूरों को काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है तो ऐसी हालत में वह unemployment allowance के हकदार होंगें। भारत के गांवों को और अधिक अधिकार मिले, पंचायत अपना भविष्य तय करे यही तो राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी के ग्राम स्वराज्य का दर्शन है और जीराम जी के मूल में गांधी जी के यही मूल्य समाहित हैं”

