मोशन पिक्चर एसोसिएशन के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी Charles Rivkin के साथ भारत और अमेरिका के बीच फिल्म, टेलीविजन तथा ओटीटी कंटेंट के क्षेत्र में सहयोग को और सुदृढ़ बनाने विषय पर एक विस्तृत एवं सार्थक बैठक आयोजित की गई। बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने रचनात्मक उद्योगों में उभरते अवसरों, तकनीकी नवाचारों तथा वैश्विक स्तर पर साझेदारी को नई दिशा देने पर गंभीर चर्चा की।
संवाद में विशेष रूप से इस बात पर विचार-विमर्श हुआ कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और अन्य उभरती डिजिटल तकनीकें सिनेमा और मनोरंजन उद्योग के भविष्य को किस प्रकार परिवर्तित कर रही हैं। कंटेंट निर्माण, पोस्ट-प्रोडक्शन, विजुअल इफेक्ट्स, वितरण और दर्शकों तक पहुंच के नए माध्यमों में तकनीक की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए संयुक्त पहलों को आगे बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की गई।
बैठक में रचनात्मकता की सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकारों के संरक्षण तथा वैश्विक सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत और संतुलित नीति ढांचे की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि डिजिटल युग में कंटेंट की सुरक्षा और रचनाकारों के अधिकारों की रक्षा अत्यंत आवश्यक है।
इसके अतिरिक्त युवाओं के कौशल-विकास (अप-स्किलिंग) को प्राथमिकता देते हुए फिल्म निर्माण, एनीमेशन, गेमिंग, VFX और डिजिटल मीडिया के क्षेत्रों में प्रशिक्षण एवं रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर भी सकारात्मक विचार साझा किए गए। क्लासिक फिल्मों के संरक्षण हेतु आर्काइविंग और डिजिटाइजेशन की दिशा में सहयोग बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, ताकि सिनेमाई विरासत को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में खेल को एक सशक्त लाइव एंटरटेनमेंट माध्यम के रूप में विकसित करने और उसे विविध डिजिटल फॉर्मेट्स में प्रस्तुत कर वैश्विक दर्शकों के लिए अधिक आकर्षक एवं नवाचारपूर्ण कंटेंट तैयार करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
यह संवाद भारत-अमेरिका के बीच रचनात्मक उद्योगों, तकनीकी नवाचार और सांस्कृतिक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल के रूप में देखा जा रहा है।



