सवांददाता, शिमला: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने आज भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल के सेक्टर हेडक्वाटर शिमला में फ्लैग इन सेरेमनी की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा की आईटीबीपी के जवान भारत तिब्बत सीमाओं की रक्षा करने के अलावा बचाव कार्य, सीमा सुरक्षा, आतंकवाद रोधी कार्यों जैसे अनेक कार्यों से राष्ट्र की सेवा कर रहा है। उन्होंने इस अवसर पर गार्ड आॅफ आॅनर की सलामी भी ली।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्र आईटीबीपी के बलिदान और बहादुरी का ऋणी है। आईटीबीपी देश की सीमाओं को सुरक्षित करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार आइटीबीपी को हर सम्भव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। आइटीबीपी के पास एक विशेष पर्वतारोही बल है और यह बल विशेषकर अधिकारियों और जवानों को पर्वतारोहण और स्कीइंग में प्रशिक्षित करता है।
उन्होंने आईटीबीपी की उस टीम को बधाई दी जिसने 22,222 फीट की ऊँचाई पर पर्वतारोहण अभियान ‘लियो पारगिल चोटी-2020’ कोड ‘नाम-योद्धा’ को फतह किया था। यह अभियान 17वीं वाहिनी रिकांगपिओं द्वारा 20 अगस्त 2020 से 5 सितम्बर 2020 तक चलाया गया था। इस तरह के अभियानों से जवानों में नेतृत्व अनुशासन और आत्मविश्वास विकसित होता है। इसके अतिरिक्त बहादुरी और साहस के साथ अनिश्चित और विशेष परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता में वृद्धि होती है।
मुख्यमंत्री ने अभियान के दौरान आईटीबीपी के स्वच्छता अभियान की सराहना की, जिस दौरान बल ने लगभग 50 किलोग्राम नाॅन बायोडिग्रेडेबल कचरा एकत्र किया और वहां की स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दिया। उन्होंने कहा की राज्य सरकार स्थानीय लोगों और सशस्त्र बलों की सुविधा के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कों के बुनियादी ढांचे और संचार के अन्य साधनों को मजबूत करने पर विशेष बल दे रही है।
हिमाचल प्रदेश की चीन के साथ 260 किलोमीटर सीमा लगती है, जिसकी सुरक्षा का महत्वपूर्ण कार्य आईटीबीपी कर रहा है।मुख्यमंत्री को इस अवसर पर आईटीबीपी द्वारा लियो पारगिल ध्वज व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने आईटीबीपी द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी दौरा किया।

