नई दिल्ली/चंडीगढ़, दिनांक 25 मार्च 2026 — National Green Tribunal (एनजीटी) की प्रधान पीठ, नई दिल्ली ने चंडीगढ़ के सेक्टर-56 में प्रस्तावित बल्क मार्केट परियोजना से संबंधित पर्यावरणीय मानकों के संभावित उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए चंडीगढ़ प्रशासन एवं अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। यह आदेश दिनांक 13 मार्च 2026 को पारित किया गया।
यह मामला डॉ. Rajinder K. Singla द्वारा दायर मूल आवेदन संख्या 158/2026 (IA No. 165/2026) के माध्यम से ट्रिब्यूनल के समक्ष प्रस्तुत किया गया। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि लगभग 44 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही उक्त परियोजना में 191 नहरनुमा प्लॉट प्रस्तावित हैं, किन्तु परियोजना के लिए आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृतियां — जैसे Consent to Establish (CTE), Consent to Operate (CTO) तथा Environmental Clearance (EC) — प्राप्त नहीं की गई हैं।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि परियोजना के प्रारंभिक कार्यों के दौरान लगभग 332 पेड़ों की कटाई की जा चुकी है, जो कि पर्यावरणीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अतिरिक्त, आवेदक के अनुसार यह परियोजना EIA Notification 2006 के अंतर्गत आती है, जिसके तहत पर्यावरणीय स्वीकृति लेना अनिवार्य है।
माननीय न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव (अध्यक्ष), डॉ. ए. सेंथिल वेल (विशेषज्ञ सदस्य) तथा डॉ. अफरोज अहमद (विशेषज्ञ सदस्य) की पीठ ने मामले को पर्यावरणीय अनुपालन से जुड़ा एक महत्वपूर्ण एवं गंभीर मुद्दा मानते हुए प्रतिवादियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
ट्रिब्यूनल ने आवेदक को निर्देशित किया है कि वह सभी प्रतिवादियों को नोटिस की विधिवत सेवा सुनिश्चित करें तथा अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पूर्व इसकी पुष्टि शपथ-पत्र (Affidavit) के रूप में प्रस्तुत करें।
ट्रिब्यूनल द्वारा इस मामले की अगली सुनवाई 20 मई 2026 को निर्धारित की गई है।
यह प्रकरण न केवल संबंधित परियोजना में पर्यावरणीय मानकों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है, बल्कि यह भी स्पष्ट करता है कि शहरी विकास परियोजनाओं में विधिक प्रावधानों, पारदर्शिता तथा पर्यावरण संरक्षण के मानकों का पालन अत्यंत आवश्यक है।

