संवाददाता, शिमला: मानव भारती यूनिवर्सिटी के संचालन के लिए प्रदेश सरकार ने प्रशासक नियुक्त किया है। आपको बता दें की मार्च माह में विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्री मामले की जांच शुरू हुई थी। इसके बाद कई कमियां पाई गई और मैनेजमेंट के कई पदाधिकारियों की गिरफ्तारियां भी हुई।
इस बीच बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए यहां प्रशासक तैनात करने की मांग की जा रही थी। पहले इस पद पर सोलन के एडीसी अनुराग चंद्र को तैनात किया जाना था। लेकिन काम का अधिक बोझ होने के कारण उनके स्थान पर सोलन के उद्योग विभाग के जनरल मैनेजर राजीव कुमार HAS अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई है। राजीव कुमार सभी कार्यों की मॉनिटरिंग कर इसकी जानकारी प्रत्येक माह हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट रेगुलेटरी कमीशन को देंगे। ज्ञात हो कि 31 दिसंबर 2019 को भारत के यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन यूजीसी ने प्रदेश सरकार के पास एक पत्र भेज मानव भारती विश्वविद्यालय में फर्जी डिग्रियां बेचने की जानकारी दी थी। इसके बाद धर्मपुर पुलिस थाना में 8 मार्च 2020 को मामला दर्ज कर फर्जी डिग्री मामले की जांच शुरू हुई थी।हिमाचल प्रदेश प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट रेगुलेटरी कमीशन ने पत्र प्रदेश सरकार को भेज प्रशासक तैनात करने के लिए कहा था।
राजीव कुमार,प्रशासक एवं उद्योग विभाग जनरल मैनेजर ने हमारे संवाददाता को जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें उच्च शिक्षा विभाग हिमाचल के उन्हें संयुक्त सचिव नवनीत कपूर से पत्र प्राप्त हुआ है।इसमें उन्हें मानव भारती विश्वविद्यालय में बतौर प्रशासक सेवाएं देने के आदेश हुए हैं साथ ही उन्होंने बताया कि वो इस जिम्मेदारी को बखूबी निभाने का पूरा प्रयास करेंगे।


