शिमला, 20 जुलाई। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आयोजित हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कर्मचारियों, युवाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायत, कृषि, मत्स्य, खेल और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
मंत्रिमंडल ने चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत डीएम, एम.सीएच. और डीएनबी सुपर स्पेशियलिटी योग्यता प्राप्त फैकल्टी को नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (NPA) देने की मंजूरी दी। साथ ही पीजी छात्रों का मासिक स्टाइपेंड बढ़ाकर प्रथम वर्ष के लिए 50 हजार, द्वितीय वर्ष के लिए 60 हजार तथा तृतीय वर्ष के लिए 65 हजार रुपये कर दिया गया।
शिक्षक सम्मान नीति के तहत राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की पुरस्कार राशि बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये तथा राज्य पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों की राशि 1 लाख रुपये कर दी गई। वहीं पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को सेवा विस्तार नहीं देने का निर्णय भी लिया गया।
मंत्रिमंडल ने नम्बरदारों का मासिक मानदेय 4,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये तथा आशा वर्कर्स का मानदेय 5,800 रुपये से बढ़ाकर 6,800 रुपये प्रतिमाह करने का फैसला लिया, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में बीएससी मेडिकल टेक्नोलॉजी (रेडियोथेरेपी टेक्नोलॉजिस्ट) तथा बैचलर ऑफ रेडिएशन थेरेपी टेक्नोलॉजी पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा हमीरपुर जिले के नादौन के धनैटा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA) स्थापित करने को भी मंजूरी दी गई।
मंत्रिमंडल ने 12 वर्ष या उससे अधिक सेवा पूरी कर चुके अंशकालिक पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाने का निर्णय लिया। वहीं लोक निर्माण विभाग के लगभग 900 फील्ड जूनियर इंजीनियरों को WAMIS प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए 1,000 रुपये मासिक भत्ता देने को भी मंजूरी दी गई।
रोजगार के क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्यभर की ग्राम पंचायतों में 400 मल्टी टास्क वर्करों, शिक्षा विभाग में 200 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट (लाइब्रेरी), पंचायतों के लिए 280 जॉब ट्रेनी टेक्निकल असिस्टेंट, पंचायती राज विभाग में ऑडिटर, जेओए और एमटीडब्ल्यू सहित कई पदों को भरने का निर्णय लिया गया।
इसके अलावा 800 पुलिस कांस्टेबलों की भर्ती के लिए उम्मीदवारों को ऊपरी आयु सीमा में एक वर्ष की विशेष छूट देने का फैसला लिया गया। राज्य के 1,975 सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में एक चौकीदार और एक मल्टी टास्क वर्कर सहित कुल 3,950 कर्मियों की नियुक्ति भी की जाएगी।
मंत्रिमंडल ने मत्स्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए 70 प्रतिशत सब्सिडी पर मछली पकड़ने वाली नौकाएं, 90 प्रतिशत सब्सिडी पर मत्स्य उपकरण उपलब्ध कराने, मत्स्य भंडारण एवं कोल्ड चेन अवसंरचना विकसित करने तथा मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि योजना शुरू करने का निर्णय लिया, जिसके तहत पात्र मछुआरा परिवारों को बंद मछली पकड़ने के मौसम में 3,500 रुपये की सहायता मिलेगी।
शिमला के विकासनगर में पीपीपी मॉडल पर बहुउद्देशीय वाणिज्यिक परिसर विकसित करने, सड़क सुरक्षा ऑडिट नीति लागू करने, स्वास्थ्य संस्थानों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक के लिए उपकरण खरीदने तथा कई विभागों में नए पद सृजित एवं भरने को भी मंजूरी दी गई।
शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री बाल पौष्टिक आहार योजना में संशोधन करते हुए नर्सरी से आठवीं कक्षा तक के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को सप्ताह में दो दिन उबला अंडा या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाएगा।
इसके अतिरिक्त ई-टैक्सी योजना में अधिकतम आयु सीमा 45 से बढ़ाकर 50 वर्ष करने, वार जागीर अनुदान 7,000 से बढ़ाकर 10,000 रुपये करने, कोटी (शिमला) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 10 बिस्तरों वाले स्वास्थ्य संस्थान में अपग्रेड करने, जठिया देवी माउंटेन सिटी के विकास, फोजल जलविद्युत परियोजना की क्षमता 9 मेगावाट से 16 मेगावाट करने तथा विभिन्न विभागों में अनेक नए पदों के सृजन एवं भर्ती को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
