मोहाली। ट्राइसिटी में व्यावसायिक भूमि से जुड़ी कथित धोखाधड़ी का एक बड़ा मामला सामने आया है। मोहाली के सेक्टर-65 स्थित लगभग 42 एकड़ कमर्शियल भूमि पर पार्टनरशिप फर्म के माध्यम से कथित रूप से कब्जा करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस भूमि की मौजूदा बाजार कीमत 1,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
शिकायतकर्ता शिव अग्रवाल, निवासी सेक्टर-6, पंचकूला ने सोहाना थाने में दर्ज कराई शिकायत में आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी फर्म डी.एस. बिल्टेक में पहले वेद प्रकाश गर्ग और परवीन गर्ग को 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दी। इसके बाद वर्ष 2022 में मंडी गोबिंदगढ़ स्थित जोगिंद्र ग्रुप के मालिक आदर्श गर्ग को भी साझेदार बनाया गया। शिकायत के अनुसार, कंपनी की पूरी हिस्सेदारी तीनों के नाम स्थानांतरित कर दी गई, लेकिन तय समझौते के अनुसार उन्हें भुगतान नहीं किया गया और कथित रूप से फर्म पर धोखाधड़ी कर कब्जा कर लिया गया।
एसएसपी के आदेश पर जांच में सामने आए आरोप
मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देश पर मामले की जांच की गई। जांच के उपरांत पुलिस ने वेद प्रकाश गर्ग, परवीन गर्ग और आदर्श गर्ग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 406, 420, 465, 468, 471 एवं 120-बी के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।
विश्वास में लेकर की गई साझेदारी का आरोप
शिव अग्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि आदर्श गर्ग, जो उनके पड़ोसी हैं और मंडी गोबिंदगढ़ के एक बड़े कारोबारी बताए जाते हैं, ने उन्हें डी.एस. बिल्टेक में साझेदारी का प्रस्ताव दिया था। शिकायत के अनुसार, वर्ष 2019 में शिव अग्रवाल ने मोहाली सेक्टर-65 में 42 एकड़ भूमि खरीदी थी, जिसे वे आगे बेचना चाहते थे। इसी क्रम में वर्ष 2021 में वेद प्रकाश गर्ग एवं परवीन गर्ग तथा वर्ष 2022 में आदर्श गर्ग को फर्म का साझेदार बनाया गया।
चार वर्षों से भुगतान नहीं मिलने का दावा
शिकायतकर्ता का दावा है कि उन्हें पिछले चार वर्षों से उक्त भूमि के बदले कोई भुगतान नहीं मिला। उन्होंने बताया कि भूमि वापस दिलाने के लिए उन्होंने न्यायालय में भी याचिका दायर की है। आरोप है कि भुगतान की मांग करने पर उन्हें लगातार धमकियां दी गईं, जिसके बाद मजबूर होकर उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा तीनों आरोपियों की तलाश जारी है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।